- वार्ड 15-16 में 3.99 करोड़ के 18 कार्यों का शुभारंभ, मेट्रो विस्तार और कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर जोर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से वार्ड 15 और 16 में करीब चार करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शुभारंभ किया गया। केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने शनिवार को विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत करते हुए कहा कि बड़े स्तर पर चल रहे विकास कार्यों से आने वाले समय में जिले की पहचान देश के मानचित्र पर अलग रूप में दिखाई देगी।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि वार्ड 15 और 16 में पार्कों के सौंदर्यीकरण, सड़क-नाली निर्माण, जल संरक्षण, सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार और अन्य आधारभूत ढांचे से जुड़े कुल 18 विकास कार्यों को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं पर 3 करोड़ 99 लाख 49 हजार रुपये की लागत आने का अनुमान है। कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि क्षेत्र में कोई भी विकास कार्य अधूरा नहीं छोड़ा जाएगा और लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष पंकज पूजन, पार्षद जसवंत सिंह, पार्षद सुमन बाला सहित कई स्थानीय प्रतिनिधि और क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
मेट्रो विस्तार से जेवर एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी का लक्ष्य
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि फरीदाबाद की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कई बड़ी परियोजनाओं पर काम चल रहा है। मेट्रो विस्तार योजना के तहत शहर को आगे जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है और इस परियोजना को वर्ष 2026 के अंत तक शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि पलवल तक मेट्रो विस्तार की योजना भी तैयार है। इस पूरी परियोजना पर लगभग 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। परियोजना पूरी होने के बाद फरीदाबाद से दिल्ली एयरपोर्ट, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और जेवर एयरपोर्ट तक सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।
अभाव फैलाने वालों पर सख्ती की चेतावनी
कृष्ण पाल गुर्जर ने हाल के दिनों में एलपीजी की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि गैस की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और किसी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों पैनिक के कारण लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक करा रहे हैं, जिससे कृत्रिम अभाव की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है, सभी को पहले की तरह नियमित रूप से गैस की आपूर्ति मिलती रहेगी।