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डेंगू संदिग्ध महिला की एंबुलेंस में मौत

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फरीदाबाद। जिले में दिन प्रतिदिन डेंगू व वायरल बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है जिसके चलते सोमवार को डेंगू संदिग्ध महिला की रेफर करने के बाद एंबुलेंस में ही मौत हो गई। कुछ दिन पहले परिजनों के द्वारा एनएस 1 एंटीजन टेस्ट करवाया गया था जोकि पॉजिटिव आया था। सोमवार को सरकारी छुट्टी होने की वजह से मरीज को उपचार के लिए इमरजेंसी में लेकर आए थे।
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मंडकोला गांव के नंदू राम ने बताया कि मां केला देवी को पिछले पांच दिनों से बुखार था जिसके चलते उनके द्वारा एनएस 1 एंटीजन टेस्ट करवाया गया जिसमें मां को डेंगू की पुष्टि हुई। उसके बाद से उनका उपचार चल रहा था लेकिन, सोमवार की सुबह हालत ज्यादा खराब होने की वजह से उपचार के लिए बल्लभगढ़ के सरकारी अस्पताल लेकर गए। जहां से मां केला देवी को बीके अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। बीके अस्पताल की इमरजेंसी में सुबह के करीब 11 बजे उपचार के लिए लेकर पहुंचे लेकिन, उनकी हालत ज्यादा खराब होने की वजह से दिल्ली के लिए रेफर कर दिया। मां को सरकारी आईसीयू वाली एंबुलेंस में दिल्ली के लिए ले जा रहे थे लेकिन नीलम पुल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई। जिसके बाद उनको करीब 11 :30 बजे वापस बीके अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर आए। इमरजेंसी में तैनात डॉ. स्मृति के द्वारा ईसीजी निकालने के बाद उसको मृत घोषित कर दिया।
वहीं एनआईटी 3 ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल के रजिस्ट्रार डॉ. एके पांडे का कहना है कि एनएस1 एंटीजन में अगर डेंगू पॉजिटिव पाया जाता है तो मरीज को डेंगू ही है। उसके लिए एलाइजा टेस्ट करवाना जरूरी नहीं है। वह टेस्ट एनएस1 एंटीजन से होता है। सीएमओ डॉ. विनय गुप्ता का कहना है कि एनएच 1 एंटीजन डेंगू टेस्ट की रिपोर्ट से मरीज को डेंगू की पुष्टि नहीं होती है। एलाइजा टेस्ट में डेंगू की पुष्टि होती है। अभी संदिग्ध डेंगू मरीज कहा जा सकता है।
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डेंगू के चार नए मरीज मिले
फरीदाबाद। जिले में डेंगू का कहर जारी है। डेंगू और बुखार की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के चार नए मामलों की पुष्टि की है, जिसके बाद जिले में डेंगू मरीजों की कुल संख्या 240 हो गई है। वहीं, अस्पतालों में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने से अस्पतालों में मरीजों को बेड के लिए मारामारी झेलनी पड़ रही है। कोरोना संक्रमण का कहर थमने के बाद जिले में डेंगू कहर बरपा रहा है। रोजाना पांच से 10 नए मरीजों की स्वास्थ्य विभाग द्वारा पुष्टि की जा रही है। सिविल अस्पताल बीके और निजी अस्पतालों की ओपीडी में बुखार के मरीजों की काफी संख्या देखने को मिल रही है।
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