बल्लभगढ़। गांव हरफला के एक ढाबे पर काम कर रहे दो किशोरों सहित चार बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने छुड़वाया है। काउंसलिंग के दौरान बच्चों ने टीम को बताया कि ढाबे पर उनसे समोसे, मोमोज, चिल्ली पटाटो आदि बनवाए जाते थे। ढाबा संचालक इनको 15 सौ रुपये से छह हजार रुपये तक प्रति माह वेतन दे रहा था। हेल्पलाइन टीम की शिकायत पर थाना सदर पुलिस ने ढाबा संचालक के खिलाफ जुवेनाइनल जस्टिस (जेजे) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
चाइल्ड हेल्पलाइन टीम के सदस्य रविंद्र ने बताया कि उन्हें हेल्पलाइन नंबर 1098 पर शिकायत मिली थी कि गांव हरफला स्थित एक ढाबे पर बच्चों से बाल श्रम करवाया जा रहा है। इस पर बृहस्पतिवार को हेल्पलाइन टीम की संयोजिका सुनीता देवी, सदस्य रविंद्र व स्टेट क्राइम ब्यूरो के एएसआई अमर सिंह ने सीकरी चौकी में पहुंच कर इसकी जानकारी दी। हेल्पलाइन टीम के साथ चौकी से पुलिस बल मौके पर पहुंचा तो देखा कि वहां चार बच्चे काम कर रहे थे। चाइल्ड हेल्पलाइन टीम उन्हें अपने साथ ले आई और उनकी काउंसलिंग की। उनसे बातचीत में पता चला कि उनमें से दो की उम्र 16 व 13 साल है जबकि दो की उम्र नौ व 12 साल है। चाइल्ड हेल्पलाइन सदस्य रविंद्र की शिकायत पर थाना सदर पुलिस ने ढाबा संचालक शिब्बू के खिलाफ जेजे एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।