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Faridabad News: करोड़ों की लागत से बने साइकिल ट्रेक हुए बदहाल

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सेक्टर 12 में साइकिल ट्रैक पर अवैध कब्जा। अमर उजाला
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प्रशासन की अनदेखी के कारण अवैध पार्किंग और अतिक्रमण की भरमार
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अमर उजाला ब्यूरो

फरीदाबाद। शहर में करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए साइकिल ट्रैक अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं। जिन ट्रैक पर लोगों को साइकिल चलानी थी, वहां अब अवैध पार्किंग, अतिक्रमण, झुग्गियां और कचरे का कब्जा है। हैरानी की बात यह है कि एक तरफ नगर निगम 100 किलोमीटर नए साइकिल ट्रैक बनाने की तैयारी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पहले से बने ट्रैक प्रशासन की अनदेखी के कारण पूरी तरह बेकार हो चुके हैं।


अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि शहर के अधिकांश साइकिल ट्रैक गंदगी, अवैध कब्जों और अव्यवस्था की भेंट चढ़ चुके हैं। प्रशासन ने करोड़ों रुपये खर्च कर सेक्टर-11, 12, 15, 15ए, 21, 28 और 29 समेत कई इलाकों में आधुनिक साइकिल ट्रैक बनाए थे। कई स्थानों पर ट्रैक को अस्थायी पार्किंग में बदल दिया गया है, जहां दिनभर वाहन खड़े रहते हैं। कुछ जगह पौधरोपण के नाम पर स्थायी कब्जा कर लिया है। वहीं, कई इलाकों में झुग्गी-झोपड़ियां विकसित हो चुकी हैं। साइकिल चालकों को जान जोखिम में डालकर मुख्य सड़क पर चलना पड़ रहा है।
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सेक्टर-12 में साइकिल ट्रैक पर बनीं झुग्गियां

सेक्टर-12 में करीब 7.35 करोड़ रुपये की लागत से बने साइकिल ट्रैक पर अब अवैध पार्किंग और झुग्गियों का कब्जा है। वर्ष 2016 में तैयार इस ट्रैक का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित साइकिलिंग की सुविधा देना था, लेकिन आज यहां पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। हैरानी की बात यह है कि इसी मार्ग से जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारी प्रतिदिन गुजरते हैं, फिर भी अतिक्रमण हटाने की दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। करीब 11.35 करोड़ रुपये की लागत से बनी कोर्ट रोड पर भी फुटपाथ और साइकिल ट्रैक का अस्तित्व खतरे में है। लघु सचिवालय और जिला अदालत के सामने ट्रैक पर वाहन खड़े कर पार्किंग शुल्क तक वसूला जा रहा है।

ट्रैक पर आसपास के लोगों ने किए स्थायी कब्जे

सेक्टर-15ए और 16ए की डिवाइडिंग रोड का निर्माण करीब 13.25 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। ट्रैक पर आसपास के लोगों ने स्थायी कब्जे कर लिए हैं। कई स्थानों पर लोगों ने अपना सामान रखकर इसे घेर लिया है, जबकि कई कंपनियों ने साइकिल ट्रैक को अवैध पार्किंग में तब्दील कर दिया है। नतीजतन साइकिल चालकों के लिए बना यह ट्रैक पूरी तरह बाधित हो गया है। करोड़ों रुपये की यह सार्वजनिक सुविधा अतिक्रमण और प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ती नजर आ रही है।



क्या कहते है लोग

साइकिल ट्रैक बनने से उम्मीद थी कि सुरक्षित तरीके से साइकिल चला सकेंगे, लेकिन अब पूरा ट्रैक वाहनों और कब्जों से भर गया है। मजबूरी में सड़कों पर चलना पड़ता है, जिससे हादसे का डर हमेशा बना रहता है।- सुशांत

साइकिल ट्रैक होने के बावजूद उसका इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं। कहीं गाड़ियां खड़ी रहती हैं तो कहीं झुग्गियां और कचरा है। सुरक्षित साइकिलिंग के लिए बने ट्रैक बेकार हो चुके हैं। ट्रैक की नियमित निगरानी और रखरखाव भी होना चाहिए।- मनीष
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नगर निगम शहर में करीब 100 किलोमीटर लंबे साइकिल ट्रैक के निर्माण की परियोजना पर काम कर रहा है। परियोजना की रूपरेखा लगभग तैयार है और जल्द ही इसका कार्य जमीनी स्तर पर शुरू किया जाएगा। इससे शहर में सुरक्षित और बेहतर साइकिलिंग सुविधा उपलब्ध होगी।-नितिन, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम

सेक्टर 12 में साइकिल ट्रैक पर अवैध कब्जा। अमर उजाला

सेक्टर 12 में साइकिल ट्रैक पर अवैध कब्जा। अमर उजाला

सेक्टर 12 में साइकिल ट्रैक पर अवैध कब्जा। अमर उजाला

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