संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड मेले में इस वर्ष मिस्र को पार्टनर देश के रूप में चुना गया है। मेले में अंतरराष्ट्रीय पवेलियन में मिस्र के शिल्पकार की ओर से स्टॉल नंबर-1 लगाया गया है। जिसके माध्यम से वे अपनी ऐतिहासिक कला और संस्कृति के माध्यम से पर्यटकों को प्राचीन मिस्र की सैर करा रहे है।
सूरजकुंड मेले में अंतरराष्ट्रीय पवेलियन में लगी स्टॉल नंबर-1 मिस्र की प्राचीन सभ्यता, कला व संस्कृति को जीवंत कर रहा है, जहां आगंतुकों की ओर से जमकर खरीददारी की जा रही है। इस स्टॉल पर हैंडमेड स्टोन स्ट्रक्चर (पत्थर की संरचनाएं) और कलाकृतियों के माध्यम से मिस्र की समृद्ध विरासत का प्रदर्शन किया जा रहा है। स्टॉल पर धातु और पत्थर से तराशी गई बारीक आकृतियांं, मिस्र की पहचान माने जाने वाले पिरामिडों के लघु रूप, प्राचीन मिस्र की लिपि और चित्रों से सजी दुर्लभ पेंटिंग्स उपलब्ध है जो पर्यटकों को मिस्र की संस्कृति से रूबरू करा रही है।
शिल्पकार कमल अनवर का भारत से गहरा नाता
शिल्पकार कमल अनवर ने बताया कि वे पिछले 25 वर्षों से भारत के विभिन्न मेलों का हिस्सा बन रहे हैं, लेकिन सूरजकुंड मेले में यह उनका चौथा अनुभव है। उन्होंने बताया कि उनके पास 500 रुपए से लेकर 2 लाख रुपए तक की कलाकृतियां उपलब्ध हैं, जो हर वर्ग के पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि मिस्र की यह कला न केवल सजावटी सामान है, बल्कि यह सैलानियों को हजारों साल पुरानी सभ्यता और उनकी जीवनशैली से भी रूबरू करा रही है।