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वीआईपी नंबर के नाम पर दो उद्योगपतियों से ठगी का प्रयास

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धोखाधड़ी : वीआईपी नंबर के नाम पर एक लाख मांगे
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फरीदाबाद। वीआईपी नंबर का झांसा दे ठगों ने शहर के दो उद्योगपतियों से 50-50 हजार रुपये ठगने का प्रयास किया। इस दौरान बुक करवाए एक नंबर को उद्यमी ने ट्रू कॉलर पर सर्च किया तो वह उद्योगपति मुकेश अंबानी के बेटे अनंत मुकेश अंबानी का नाम दिखाने लगा। शक होने पर उद्यमियों ने उन नंबरों के लिए पैसे जमा नहीं करवाए और इसकी शिकायत सेक्टर-11 चौकी पुलिस में कर दी। शिकायतकर्ता राज भाटिया ने बताया कि ठगों ने मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी के आउटलेट पर अधिकारी बनकर बात की और मेल कर उन्हें सिम कार्ड भी जारी करवा दी थी।
सेक्टर-11 निवासी उद्यमी राज भाटिया के पास कुछ दिन पहले वीआईपी नंबर खरीदने संबंधी एसएमएस आया था। भाटिया के अनुसार 28 नवंबर को वह अपने ऑफिस में बैठे थे। इस दौरान उन्होंने उस एसएमएस में दिए गए नंबर पर संपर्क किया तो उस नंबर पर उनकी विवेक तिवारी नाम के व्यक्ति बात हुई। तिवारी ने खुद को एक बड़ी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी का प्रबंधक बताया। उससे बातचीत होने पर लिस्ट में लिखे वीआईपी नंबर 7000000000 को खरीदने के लिए राज भाटिया ने उससे बातचीत की। विवेक तिवारी ने राज भाटिया को बताया कि यह नंबर उन्हें 50 हजार रुपये में मिल जाएगा। भाटिया ने खुद के अलावा अपने साथी सेक्टर-16ए निवासी आशीष गुप्ता के नाम से भी वीआईपी नंबर 9555555555 बुक करने को कह दिया। दोनों नंबरों की कीमत एक लाख रुपये तय हो गई।
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मोबाइल पर होती रही चैटिंग
इस दौरान विवेक तिवारी और राज भाटिया की मोबाइल पर चैटिंग भी होती रही। राज भाटिया के अनुसार विवेक तिवारी की बातचीत और काम करने के तरीके से कहीं ऐसा नहीं लग रहा था कि उनके साथ ठगी हो रही है। इस दौरान विवेक तिवारी ने उनसे आधार कार्ड की प्रति मंगवाई। उन्हें 50-50 हजार रुपये का इनवाइस लेटर कंपनी के लेटर हैड पर भेज दिया। साथ ही बैंक का खाता नंबर दिया गया, जिसमें रुपये जमा करवाने थे।
राज भाटिया के अनुसार बुधवार शाम को ही वह सेक्टर-15 स्थित मोबाइल कंपनी के शोरूम पर गए और विवेक तिवारी से वहां मौजूद एक कर्मचारी से बात करवाई। बातचीत के बाद युवती ने उन्हें कहा कि आप 10 मिनट इंतजार करें। उनके पास सिम कार्ड जारी करने संबंध में मेल आ रहा है और उसके बाद कार्ड दे दिया जाएगा। थोड़ी देर बाद उन्हें सिम कार्ड भी दे दिए गए।
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24 घंटे में चालू होना था नंबर
भाटिया ने बताया भुगतान करने के 24 घंटे बाद नंबर चालू होना था। बृहस्पतिवार को वह खाते में रुपये जमा करवाते। इस दौरान रात को उन्होंने जब ट्रू कॉलर पर 7000000000 डाला तो वह नंबर अनंत मुकेश अंबानी का नाम दिखाने लगा, जबकि आशीष का नंबर 9555555555 एक कंपनी के नाम से आ रहा था। इस पर राज भाटिया को शक हो गया। बृहस्पतिवार से उनके पास भुगतान के लिए लगातार फोन आने लगे, मगर उन्होंने रुपये जमा नहीं करवाए। शुक्रवार को वह सेक्टर 11 पुलिस चौकी पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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