आशा भोसले का निधन भारतीय संगीत जगत के लिए अपूर्णीय क्षति
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। पार्श्व गायिका आशा भोसले के निधन की खबर ने शहर के संगीत प्रेमियों और कलाकारोंं को झटका दिया है। उनके निधन की सूचना मिलते ही कला जगत में शोक की लहर दौड़ गई। शहर के कलाकारों और संगीत से जुड़े लोगों ने दुख व्यक्त किया है। कलाकारों ने गीतों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
कलाकारों का कहना है कि आशा भोसले का जाना संगीत जगत के लिए एक ऐसी अपूर्णीय क्षति है, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि आशा भोंसले केवल एक गायिका नहीं थीं, बल्कि वे संगीत का एक पूरा युग थीं। उनकी आवाज में जो जादू और विविधता थी, वह आने वाली कई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी। उनके जाने से संगीत की दुनिया में जो खालीपन आया है, उसे कोई नहीं भर पाएगा।
बातचीत -
आशा भोसले के गानों को सुनकर हमने काफी बहुत सीखा। मैंने कई कार्यक्रम में आशा भोंसले की गजलें गाईं। उनका जाना कलाकारों के लिए दुखद है। -शालू, गायिका
इस खबर को सुनकर बहुत दुख पहुंचा। मैं उनकी बहुत बड़ी प्रशंसक रही हूं। उनके गाने गाकर बहुत कुछ सीखा। यात्रा करते समय उनके गाने सुनती हूं। -दिव्यांजली, संगीत की छात्रा
उनकी आवाज में अलग ही मिठास थी। आओ हुजूर तुमको सितारों में ले चलूं गाना हमेशा से बहुत पसंद है। उनके जाने से बहुत खालीपन सा लग रहा है। -रिचा, गायिका
कलाकारों का चले जाना कला के लिए बहुत बड़ी क्षति है। उनको हमेशा चुलबुले अंदाज के लिए याद किया जाएगा। -शिखर, संगीत का छात्र