कचरा उठान में लापरवाही और कूड़ा प्रबंधन में कमी से नगर निगम के दावों की निकली हवा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर की सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर जगह-जगह खुले में कूड़े के ढेर नगर निगम की सफाई व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। कचरा उठान में लापरवाही और कूड़ा प्रबंधन में कमी के कारण स्वच्छ सर्वेक्षण में फरीदाबाद की रैंकिंग खराब रही।
नगर निगम के दावे हर बार शहर को साफ-सुथरा बनाने के होते हैं लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। सेक्टर, कॉलोनियों, बाजारों और स्लम एरिया में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कई जगह तो हालात ऐसे हैं कि सड़क के किनारे लंबे समय से कूड़े के ढेर लगे हुए हैं, जिनसे दुर्गंध फैल रही है और बीमारी फैलने का खतरा भी बना हुआ है।
शहरवासियों ने जताई नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम के पास सफाई कर्मचारियों की कमी का रोना तो है, लेकिन जो कर्मचारी हैं, वे भी ठीक से ड्यूटी नहीं कर रहे। कूड़ा उठाने वाली एजेंसी की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है। कई क्षेत्रों में कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां कई-कई दिन नहीं आतीं, जिससे कूड़ा इकट्ठा हो जाता है।
इन स्थानों पर काम करने की है जरूरत
फरीदाबाद के सारन चौक, डबुआ कॉलोनी, सरूरपुर चौक, सेक्टर- 23 संजय कॉलोनी, सेक्टर-3, मोहना रोड मार्केट, बल्लभगढ़ सब्जी मंडी, लेजर वैली पार्क, जवाहर कॉलोनी, ललित मंडी, ऊंचागांव व गौछी के लाल कोठी रोड पर जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। प्रशासन को इन सभी स्थानों से कूड़ा साफ करने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
स्वच्छ सर्वेक्षण पर पड़ा असर
फरीदाबाद की स्वच्छता रैंकिंग में गिरावट आने का बड़ा कारण कचरा प्रबंधन में लापरवाही है। शहर को गार्बेज फ्री सिटी बनाने के लिए जो प्रयास होने चाहिए, वे नहीं हो पा रहे। नतीजा यह है कि स्वच्छ सर्वेक्षण में फरीदाबाद की रैंक लगातार नीचे जा रही है।
निगम को करना होगा गंभीर प्रयास
नगर निगम को अब इस दिशा में गंभीरता से काम करने की जरूरत है। कूड़ा उठान की व्यवस्था को दुरुस्त करना होगा। कचरे के ढेर हटाने के साथ-साथ नियमित सफाई और निगरानी की व्यवस्था करनी होगी। साथ ही कचरा प्रबंधन को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाना जरूरी है ताकि लोग भी गंदगी न फैलाएं।