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सीआईए ने चैंबर में घुसकर दो मुवक्किल पकड़े, वकीलों का हंगामा

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फरीदाबाद। सेक्टर-12 स्थित जिला अदालत में बुधवार को सीआईए की टीम द्वारा वकील के चैंबर में घुसकर दो मुवक्किलों को पकड़कर ले जाने पर वकीलों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष ने पुलिस पर बदसलूकी और धक्का मुक्की का आरोप लगाया। हंगामे के दौरान पुलिस और वकीलों के बीच खूब तनातनी हुई। करीब पांच घंटे चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद देर शाम थाना सेंट्रल में पुलिस और वकीलों के बीच सुलह हो गई।
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वकीलों के अनुसार, बुधवार को वरिष्ठ अधिवक्ता अमित सेन के चैंबर में दो लोग आए थे। उनकी एक झगड़े के मामले में जमानत याचिका दायर करनी थी। दोपहर दो बजे सीआईए पुलिसकर्मी वकील के चैंबर में घुस गए और दोनों लोगों को पकड़कर अपने साथ ले जाने लगे। आरोप है कि इस दौरान चैंबर में मौजूद बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष दीपू रावत ने विरोध किया, तो पुलिसकर्मियों ने उनसे भी बदसलूकी की। इस बात की जानकारी चैंबर में बैठे अन्य वकीलों को हुई तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया।
पुलिस की सीआईए टीम की मनमानी से नाराज वकीलों ने कोर्ट का मुख्य गेट बंद कर दिया और पुलिस वालों के खिलाफ प्रदर्शन किया। नारेबाजी करते हुए पकड़े गए मुवक्किलों को छोड़ने व माफी मांगने की मांग की। बार एसोसिएशन के प्रधान केपी तेवतिया ने कहा कि कोर्ट के अंदर वकील के चैंबर से किसी को पकड़कर कहीं लेकर जाना ठीक नहीं इसे वकील बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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प्रदर्शन में महासचिव संदीप पाराशर, ओपी शर्मा, अनिल पाराशर, प्रदीप परमार, महेंद्र यादव, अमित कालरा, डोनी सैनी, अनिल कुमारी, महेंद्र वशिष्ठ आदि शामिल रहे। थाना सेंट्रल प्रभारी विरेंद्र खत्री ने बताया कि देर शाम तक वकीलों और पुलिस के बीच चली बैठक के बाद सुलह हो गई है।
वकीलों ने कोर्ट के मुख्य गेट को बंद किया
नाराज वकीलों ने जमकर हंगामा कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। वकीलों ने कोर्ट के मुख्य गेट को भी बंद कर दिया। इससे न तो पुलिस की गाड़ियां बाहर से अंदर आ सकीं और न ही अंदर से बाहर जा सकीं। हंगामा बढ़ता देख पुलिस के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और किसी तरह समझा बुझाकर गेट खुलवाया और कोर्ट के अंदर खड़ी गाड़ियों को बाहर निकलवाया। देर शाम तक वकील गेट पर ही धरने पर बैठे रहे। वकीलों का कहना है कि यदि पकड़े गए मुवक्किलों को नहीं छोड़ा गया और माफी नहीं मांगी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। विवाद के बाद मौके पर एसीपी पहुंचे और मामले को सुलझाया।
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