खांसी, जुकाम, बुखार और निमोनिया के मरीज बढ़े, चिकित्सकों ने खानपान और साफ-सफाई का ध्यान रखने की दी सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर बच्चों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है। जिला नागरिक अस्पताल में इन दिनों खांसी, जुकाम, बुखार और निमोनिया से पीड़ित बाल रोगियों की संख्या बढ़ रही है। बाल रोग ओपीडी में रोजाना बड़ी संख्या में अभिभावक अपने बच्चों को लेकर पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव, हवा में बढ़ी नमी और वायरल संक्रमण के कारण बच्चों में बीमारियां तेजी से फैल रही हैं। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कम होती है, इसलिए मौसम बदलने का असर उन पर जल्दी पड़ता है। ऐसे में हल्का बुखार, लगातार खांसी या सांस लेने में तकलीफ होने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।
बच्चों को साफ पानी पिलाने, ताजा भोजन देने और बारिश में भीगने से बचाने की सलाह दी जा रही है। बल्लभगढ़ के रहने वाले राकेश ने बताया कि उनके चार वर्षीय बेटे को पिछले तीन दिन से तेज बुखार और खांसी थी। क्लीनिक की दवा से आराम नहीं मिला तो जिला अस्पताल लेकर आए।
वहीं संजय कॉलोनी निवासी पूजा शर्मा ने बताया ने बताया कि उनकी पांच साल की बेटी को सर्दी-जुकाम के साथ सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी। डॉक्टर ने बताया कि मौसम बदलने के कारण संक्रमण हुआ है और अब इलाज चल रहा है।
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास गोयल ने कहा कि मानसून के दौरान वायरल संक्रमण और श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस लिए बच्चों को बारिश में भीगने से बचाना चाहिए और साफ और पौष्टिक भोजन देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे को बुखार दो दिन से अधिक रहे, सांस लेने में परेशानी हो रही हो या बच्चा सुस्त दिखाई दे रहा हो तो तुरंत अस्पताल में चिकित्सकीय परामर्श लेनी चाहिए।