Case registered in case of death of both laborers, list of private tanks will be prepared in the city
फरीदाबाद। सेक्टर-14 के एक होटल के बाहर किचन वेस्ट टैंक की सफाई करते हुए दो मजदूरों की मौत मामले ने नगर निगम की भी आंखें खोल दी है। निगम अब शहर में निजी तौर पर बनाए गए टैक की पहचान करेगा। साथ ही सभी संख्या जुटाकर, उसकी साफ-सफाई में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर, बृहस्पतिवार को पुलिस ने बीके अस्पताल में दोनों शवों को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों का सौंप दिया है। साथ ही होटल संचालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार शहर में कितने निजी तौर पर टैंक बनाए गए हैं। इनकी समुचित संख्या जुटाई जाएगी। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उसकी सफाई में नियमों का पालन किया जा रहा है कि नहीं। क्योंकि नियम में सीवर, टैंक आदि की मशीनों से ही सफाई कराने का प्रावधान है। नियम के अनुसार लोग टैंक या सीवर में उतरकर उसकी सफाई नहीं कर सकते लेकिन सेक्टर-14 एक होटल संचालक द्वारा नियमों की अनदेखी की गई और टैंक की सफाई करने के दौरान दो मजदूर की मौत हो गई। लिहाजा नगर निगम भी अब इस मामले की जांच करेगी। साथ ही शहर कहां-कहां निजी तौर पर टैंक बने हैं, उसकी जानकारी जुटाई जाएगी। सेंट्रल थाना के निरीक्षक विरेंद्र खत्री ने बताया कि बीरजी होटल के टैंक की सफाई करते हुए दो मजदूरों की मौत मामले में होटल संचालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले की जांच एसीपी करेंगे। बृहस्पतिवार को दोनों शवों को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक प्रदीप मूलरूप से उत्तर प्रदेश के कन्नौज का रहने वाला था। जबकि बलबीर अलीगढ़ स्थित टप्पल का रहने वाला था। शवों को परिजन अपने मूल गांव लेकर गए हैं। साथ ही पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
सीवर सफाई के लिए सरकारी निर्देशों की अनदेखी की जाती है। अभी भी कई जगहों पर बिना सुरक्षा इंतजामों के सफाई की सफाई कराई जाती। जबकि, हाल में सरकार ने सभी नगर निगमों से कहा था कि सीवर की सफाई मशीन से कराई जाए। इसके बाद भी सेक्टर 14 में हुई सफाई के दौरान दो की मौत हो गई। सरकार द्वारा सीवरेज की मैनुअल सफाई पर प्रतिबंधित लगाया है। नियम तोड़ने वाले के खिलाफ सजा और जुर्माना, दोनों का ही प्रावधान है। पहली बार कानून का उल्लंघन करने पर 2 लाख रुपये का जुर्माना या दो साल की जेल और जुर्माना, दोनों ही हो सकते हैं। दूसरी बार उल्लंघन करने पर 5 लाख का जुर्माना या 5 साल की जेल और जुर्माना दोनों ही हो सकते हैं।