फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: सेक्टर-आठ में बनने वाले 50 बेड के अस्पताल में कैंसर का भी होगा इलाज

विज्ञापन
विज्ञापन
मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल को बनाने के प्रस्ताव को मिली मंजूरी
विज्ञापन


4.60 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान


संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए सेक्टर-आठ में बनने वाले 50 बेड के मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। अब इसके लिए टेंडर लगाया जाएगा। इसके निर्माण पर करीब 4.60 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इससे मरीजों को काफी लाभ पहुंचेगा।

प्रस्तावित अस्पताल में कैंसर मरीजों के लिए अलग विंग तैयार की जाएगी। यहां मरीजों की जांच और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के प्रशासनिक कार्यालय भी बनाए जाएंगे। इससे जिले के कैंसर मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार मिलने की उम्मीद है।
विज्ञापन



जिले में विभिन्न प्रकार के कैंसर से पीड़ित करीब चार हजार मरीज बताए जा रहे हैं। इनमें करीब 40 प्रतिशत आर्थिक रूप से सक्षम मरीज निजी अस्पतालों में उपचार करा लेते हैं, जबकि करीब 60 प्रतिशत मरीज कम खर्च में इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों पर निर्भर हैं। बेहतर उपचार के लिए कई मरीजों को जिले से बाहर या दूसरे प्रदेशों के अस्पतालों में जाना पड़ता है। इससे जांच और उपचार शुरू होने में देरी होती है।



ट्रॉमा केयर सेंटर भी किया जाएगा विकसित


शहर में लगातार सड़क हादसे बढ़ रहे हैं, ऐसे में अस्पताल में ट्रॉमा केयर सेंटर भी विकसित किया जाएगा। फिलहाल हादसा होने के बाद पर्याप्त सुविधाएं न होने के चलते मरीज के साथ रेफर- रेफर खेला जाता है और सफदरजंग अस्पताल भेज दिया जाता है। समय पर सही उपचार न मिलने से कुछ मामलों में मरीजों की रास्ते में ही मौत हो जाती है। सेक्टर-8 में प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर में गंभीर घायलों को प्राथमिक और जरूरी उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार उन्हें बड़े अस्पताल में रेफर किया जाएगा। इससे मरीजों को समय पर उपचार मिलने और उनकी जान बचने की संभावना बढ़ेगी।
विज्ञापन





इन केंद्रों पर भी ट्रॉमा केयर की योजना



सेक्टर-8 के अलावा बीके अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिगांव, खेड़ीकला, कौराली और पाली में भी ट्रॉमा केयर सेंटर विकसित करने की योजना है। इससे सड़क हादसों में घायल मरीजों को नजदीकी स्तर पर शुरुआती उपचार मिल सकेगा और गंभीर स्थिति में उन्हें समय रहते उच्च चिकित्सा केंद्र भेजा जा सकेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें