त्रिखा कॉलोनी निवासी प्रेमवीर ने बताया कि वह अपने संयुक्त परिवार के साथ रहते हैं। उसके संयुक्त परिवार में करीब 40 लोग हैं जिसमें छोटे बड़े बच्चे भी शामिल हैं। सभी कचौड़ी और पूड़ी सब्जी की रेहड़ी लगाकर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। उसने बताया कि उसके पांच बच्चे हैं। जिसमें तीन लड़की व दो लड़के हैं। उनकी सबसे बड़ी बेटी 17 साल की 11वीं की छात्रा है, वहीं उससे छोटा बेटा 12 साल का 8वीं का छात्र है।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार की सुबह बेटे ने बेटी मनीषा के ब्रश से दांत साफ कर लिए। जिसके चलते मनीषा और उसके भाई के बीच झगड़ा हो गया और मनीषा ने भाई की पिटाई भी कर दी। इसको लेकर मनीषा की मां ने उसको बहुत डांटा। उसके बाद परिवार के सभी लोग पड़ोस में हो रहे कर्तीन में चले गए। तभी पीछे से मनीषा ने कमरे में रखे टीवी की आवाज तेज करके पंखे से फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
भाई ने ही उतारा शव
कीर्तन में से आने के बाद सभी ने देखा की कमरा बंद और कमरे में से टीवी की तेज आवाज आ रही है। जिसके बाद 12 साल के बेटे ने खिड़की पर लगे कूलर के ऊपर चढ़कर देखा कि मनीषा ने फांसी के फंदे में लटकी हुई थी। परिवारों के होश उड़ गए और उन्होंने कमरे के गेट को तोड़ कर कैंची की मदद से चुन्नी को काट कर मनीषा को नीचे उतारा। उसके बाद उसके पिता उसको उपचार के लिए अस्पताल लेकर गए जहां उसे मृत घोषित कर दिया।
फांसी से पहले लिखा सुसाइड नोट
मृतक मनीषा ने फांसी लगाने से पहले सुसाइड नोट लिखा जिसमें उसने लिखा कि वह अपने कॉलोनी में रहने वाली सहेली के पास जा रही हूं। उसकी सहेली ने भी एक महीने में फांसी का फंदा लगाया था। इसके अलावा उसने लिखा कि वह अब दुनिया से जा रही है अब किसी को डांटने की जरूरत नहीं होगी। आई लव यू ...
सहेली वाला ही उठाया कदम
मां की डांट के बाद मानसिक रूप से परेशानी 11वीं की छात्रा ने सहेली की तरह ही फांसी का फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला को समाप्त कर लिया। अग्रसेन चौक के इंचार्ज प्रदीप मोर ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए बीके अस्पताल में रखवा दिया है।