10 कुरीतियां बंद करने पर सहमति, सामाजिक खर्च और दिखावे पर रोक लगाने का निर्णय
मृतक पर चादर डालने की जगह आवश्यक सामग्री ले जाने की परंपरा अपनाने का उठा मुद्दा
ब्राह्मण भवन में जिलेभर के प्रतिनिधियों की पंचायत
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। समाज में बढ़ते दिखावे और गैरजरूरी खर्च पर रोक लगाने की पहल करते हुए जिला फरीदाबाद ब्राह्मण सभा की पंचायत में शादी-समारोहों में डीजे बजाने सहित कई परंपराओं को बंद करने का फैसला लिया गया। रविवार को अनाज मंडी बल्लभगढ़ स्थित ब्राह्मण भवन में आयोजित पंचायत में जिलेभर के गांवों, कॉलोनियों और सेक्टरों से आए प्रतिनिधियों ने 10 सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने पर एकमत से सहमति जताई।
पंचायत की अध्यक्षता ब्राह्मण सभा के प्रधान बृजमोहन बातिश ने की जबकि संचालन एडवोकेट महेश शर्मा ने किया। बैठक में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
पंचायत को संबोधित करते हुए प्रधान बृजमोहन बातिश ने कहा कि समाज में कई परंपराएं पुराने समय की परिस्थितियों के अनुसार शुरू हुई थीं लेकिन आज के दौर में उनका कोई विशेष औचित्य नहीं रह गया है। कुछ परंपराएं ऐसी भी बन गई हैं जिनसे समाज में अनावश्यक खर्च और विवाद बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि शादी समारोहों में तेज आवाज में बजने वाला डीजे कई बार विवाद की वजह बनता है और स्वास्थ्य पर भी इसका असर पड़ता है, इसलिए इसे बंद किया जाना चाहिए।
पंचायत में तय किया गया कि लगन-सगाई में दहेज के सामान की सूची पढ़ने की परंपरा बंद की जाएगी। लगन-सगाई में चादर देकर सत्कार करने की परंपरा सीमित की जाएगी और शादी, भात व छोछक में आने वाले लोगों की संख्या कम रखने की अपील की गई। इसके अलावा शादी, लगन-सगाई और अन्य रस्मों में खर्च लेने की प्रथा समाप्त करने तथा परोसा देने की परंपरा को केवल रिश्तेदारों तक सीमित रखने का निर्णय लिया गया।
शोक सभाओं से जुड़ी परंपराओं में भी बदलाव का फैसला लिया गया। मृतक पर चादर डालने की जगह आवश्यक सामग्री ले जाने की परंपरा अपनाने, शोकग्रस्त परिवार के घर सूखा राशन ले जाने की प्रथा बंद करने और तेरहवीं से पहले मृतक परिवार के घर भोजन-जलपान न करने पर सहमति बनी। बुजुर्गों की मृत्यु के बाद होने वाले काज और टेहले में केवल भजन व धार्मिक कार्यक्रम करने तथा नाच-गाने जैसे आयोजन पूरी तरह बंद रखने का भी निर्णय लिया गया।
पंचायत में यह भी तय हुआ कि पगड़ी रस्म सादगी से होगी, केवल सफेद पगड़ी बांधी जाएगी और रस्म के दौरान महिलाओं की भी भागीदारी रहेगी, ताकि सामाजिक निर्णयों में उनकी भूमिका बढ़े।
सभी उपस्थित लोगों ने ध्वनिमत से इन निर्णयों को लागू करने की सहमति दी और इन्हें घर-घर तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कुछ अन्य कुरीतियों पर अंतिम निर्णय के लिए पड़ोसी जिलों की सभाओं से विचार-विमर्श करने का भी फैसला किया गया।
पंचायत में रामनारायण भारद्वाज, बृजलाल शर्मा, योगेश गौड़, गिरिराज भारद्वाज, नीरज शर्मा, पराग शर्मा, गंगा विष्णु, रविदत्त शर्मा, देवेंद्र गौड़, कृष्ण कौशिक, संदीप शर्मा, अनिल पाराशर, सुनील कौशिक, बाबूराम वशिष्ठ सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।