पीड़ित आरोपियों के घर नूंह पहुंचे तो जान से मारने की धमकी दीअमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। राजस्थान में सड़क बनाने का ठेका मिला है कहकर नूंह के तीन लोगों ने फरीदाबाद की कंपनी से तारकोल खरीद लिया। लगभग 1 करोड़ रुपये की पेमेंट के लिए आरोपी कहते रहे कि राजस्थान सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग से पैसा नहीं आया है। बाद में पंचायत हुई तो चेक दिए गए वह बैंक से क्लियर ही नहीं हुए। रुपयों के लिए कंपनी मालिक आरोपियों के घर पहुंचे तो धक्के देकर बाहर निकालते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि सेक्टर-17 थाने में ठगी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर टीम ने जांच शुरू की है।
ठगी को लेकर पुलिस को यह शिकायत सेक्टर-17 स्थित श्रीराम ट्रेडिंग कंपनी की ओर से सुरेश अग्रवाल व विवेक गुप्ता ने दी है। ठगी का आरोप नूंह के सहसौल गांव के मोहम्मद ईशर, उसके भाई निसार व बेटे असपक खान पर लगाया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इनकी कंपनी बिल्डिंग मेटीरियल और तारकोल सप्लाई का काम करती है। अगस्त 2022 में आरोपियों ने इनसे संपर्क कर बताया कि हमारे पास राजस्थान में कई बड़े सरकारी ठेके हैं जिनमें सड़क बनाने का भी ठेका है। आरोपियों ने अपनी कंपनी का नाम एमआई कंस्ट्रक्शन कंपनी बताया और भिवाड़ी में ऑफिस बताया।
तारकोल सप्लाई को लेकर सहमति बनी और शिकायतकर्ता की कंपनी ने सप्लाई कर दिया। आरोप है कि लगभग 1 करोड़ रुपये की पेमेंट बकाया है। पेमेंट के नाम पर बोले की सरकार से पैसा नहीं आया है। 5 मार्च 2025 को दोनों पक्षों में पंचायत हुई तो 25-25 लाख रुपये के 4 चेक दिए जो बैंक से क्लियर नहीं हुए। आरोपी के घर गए तो वहां धक्के मारकर बाहर निकाल दिया और मारने की धमकी दी। भिवाड़ी से पता चला कि आरोपियों ने अपनी कंपनी का नाम बदल दिया है और अब उसमें आरोपी का बेटा मालिक है। सरकार से आने वाला पैसा अब नई कंपनी में आ चुका है और आरोपियों ने इसी तरह कई वेंडरों का पैसा देने से इंकार कर दिया है। शिकायत पर अब सेक्टर-17 थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।