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कोरोना का असर : शाम ढलते ही लगे नाके, पुलिस की मौजूदगी ने फीका किया नए साल का जश्न

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ग्रेटर फरीदाबाद में नव वर्ष 2022 के स्वागत में रंग बिरंगी लाइटों से सजाव वर्ल्ड स्ट्रीट। - फोटो : Faridabad
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फरीदाबाद। कोरोना महामारी अलर्ट के चलते जिले में नाईट कर्फ्यू लगा हुआ है। इसके तहत रात ग्यारह बजे से सुबह पांच बजे तक लोगों के घर से बाहर निकलने पर मनाही है। नए साल के जश्न के लिए लोगों ने बाहर पार्टी करने का मन तो बनाया, लेकिन पुलिस की मौजूदगी से उनके अरमान मन में ही रह गए। आदेशों को लागु करवाने के लिए पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने बृहस्पतिवार को ही जिले के सभी चौकी, थाना प्रभारियों को आदेश दे दिए थे। इसके तहत जिले के ढाई हजार पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई। शहर के व्यस्त माने जाने वाले चौक जैसे अजरौंदा, नीलम, बाटा, बड़खल, एनआईटी, ओल्ड आदि पर शाम ढलते ही छह बजे से पुलिस ने नाके लगाने शुरू कर दिए। वाहनों की जांच पुलिस ने रात नो बजे के बाद शुरू की, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के कारण लोगों ने कहीं बाहर घूमने के बजाय घर में ही रहना बेहतर समझा। इस दौरान थाना पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच भी सक्रीय रही। नीलम बाटा रोड पर बने होटल व संदिग्ध गेस्ट हाउस पर पुलिस ने पैनी नजर रखी। ताकि कहीं जुआ या अन्य कोई अनैतिक गतिविधि ना हो सके।
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वर्ल्ड स्ट्रीट में रही भीड़, उड़ी नियमों की धज्जियां
ग्रेटर फरीदाबाद स्थित वर्ल्ड स्ट्रीट में नए साल के जश्न को लेकर तैयारियां की गई थी। शाम को ही पुलिस ने वर्ल्ड स्ट्रीट के आसपास नाके लगा दिए। वाहनों की पार्किंग की समस्या को देखते हुए आसपास की खाली जमीन पर व्यवस्था की गई थी। यहां क्रिसमस डे की तरह भीड़ उमड़ी हुई नजर आई। कोरोना नियमों को लेकर यहां कोई सख्ती देखने को नहीं मिली। लोग बिना मास्क के आराम से सेल्फी लेते नजर आ रहे थे। सरकारी आदेशों के मुताबिक सार्वजनिक जगह पर दो सौ से ज्यादा लोगों के एकत्रित होने की मनाही है। इसके बावजूद यहां हजारों की संख्या में लोग एकत्रित थे। पुलिस की मौजूदगी केवल लोगों की नियंत्रित करने तक ही सीमित थी। मास्क के चालान भी नहीं काटे गए।
देर रात तक एसीपी और डीसीपी लेते रहे व्यवस्था का जायजा
पुलिस आयुक्त ने नए साल के जश्न को लेकर डीसीपी और एसीपी स्तर के अधिकारियों की ड्यूटी नाकों की जांच के लिए लगाई थी। रात बारह बजे के बाद भी पुलिस के अधिकारी अपने अपने संबधित थानों और चौकी प्रभारियों से शहर की व्यवस्था का जायजा लेते रहे। बदरपुर बॉर्डर पर सबसे ज्यादा जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान रात दस बजे के बाद दिल्ली की तरफ जाने वाले वाहन चालकों से जाने का कारण पूछा जा रहा था। शक होने पर वाहनों की जांच भी की गई।
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