फरीदाबाद। निगम के 200 करोड़ रुपये के घोटाले मामले में आरोपी पूर्व मुख्य अभियंता डीआर भास्कर व ठेकेदार को विजिलेंस ने सोमवार को अदालत में पेश किया। आरोपियों का रिमांड सोमवार को खत्म हो गया था। विजिलेंस ने अदालत से आरोपियों का रिमांड बढ़ाने की मांग नहीं की। जांच टीम ने अदालत में कहा कि आरोपियों से पूछताछ पूरी हो गई है। अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। विजिलेंस ने 14 मई को मुख्य अभियंता डीआर भास्क र को सेक्टर-21डी में फ्लैट से गिरफ्तार किया था।
इसके बाद से वह रिमांड पर चल रहा था। ठेकेदार सतवीर को मुख्य अभियंता के सामने बैठाकर पूछताछ के लिए जेल से प्रोडक्शन वारंट पांच दिन के रिमांड पर लिया गया था। विजिलेंस ने आरोपियों से अभी तक चार मोबाइल, 9.90 लाख रुपये और कार बरामद की है। आरोपी मुख्य अभियंता रमन शर्मा की अग्रिम जमानत पर 30 मई को सुनवाई होगी। घोटाला मई 2020 में उजागर हुआ था। निगम के तत्कालीन चार पार्षदों दीपक चौधरी, दीपक यादव, सुरेंद्र अग्रवाल व महेंद्र सरपंच ने तत्कालीन निगम आयुक्त को शिकायत दी थी कि निगम के लेखा विभाग ने ठेकेदार सतवीर की विभिन्न फर्मों को बिना काम किए भुगतान कर दिया है। अपने स्तर पर मामले की जांच के बाद निगमायुक्त ने ठेकेदार को भुगतान में अनियमितताएं पाए जाने पर विजिलेंस जांच की सिफारिश की। विजिलेंस इस मामले में दो केस दर्ज कर ठेकेदार सतवीर और मुख्य अभियंता डीआर भास्कर को गिरफ्तार कर चुकी है।