गर्भवती महिलाओं को आपात स्थिति में तुरंत उपचार दिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी किए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के प्रजनन एवं स्वास्थ्य शिशु केंद्रों में अब गर्भवती महिलाओं को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। अब सेक्टर-3 और सेक्टर-30 स्थित प्रजनन एवं स्वास्थ्य शिशु केंद्रों में 24 घंटे एंबुलेंस उपलब्ध रहेगी, ताकि आपात स्थिति में गर्भवती महिलाओं को घर से सीधे अस्पताल तक पहुंचाया जा सके। इसके साथ ही सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के मुख्य द्वार भी हर समय खुले रखने के आदेश दिए गए हैं।
प्रदेश की अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी जिला सिविल सर्जनों को इस संबंध में व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। निर्देश मिलने के बाद फरीदाबाद के सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर डिलीवरी सेवाओं और आपातकालीन व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि सभी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं कि गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को दी जाने वाली सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। अस्पतालों में एंबुलेंस की उपलब्धता और मुख्य द्वारों को चौबीस घंटे खुला रखना अनिवार्य किया गया है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को सेक्टर-3 स्थित प्रजनन एवं स्वास्थ्य शिशु केंद्र के बाहर एक गर्भवती महिला की गेट पर ही डिलीवरी हो गई थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई कर्मचारी बाहर नहीं आया। बाद में महिला की सास ने ही प्रसव कराया। मामले के सामने आने के बाद नर्स राखी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुखबीर को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने व्यवस्था सुधारने के लिए यह कदम उठाए हैं।