फरीदाबाद। शहर में एक बार फिर वायु प्रदूषण बढ़ने लगा है। जानकार इसका कारण बीते दो-तीन दिनों से बारिश का नहीं होना बता रहे हैं। उनका कहना है कि इन दिनों लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। इससे सांस, दिल, कैंसर आदि मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है।
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की वेबसाइट पर जारी आंकड़ों के अनुसार रविवार को फरीदाबाद सेक्टर-30 का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 106 रहा। चिकित्सक इसे मॉडरेट यानी मध्यम मानते हैं। इसमें दिल, अस्थमा, लीवर संबंधित बीमारी वाले मरीजों को परेशानी हो सकती है। इसलिए इन व्यक्तियों को सावधानी बरतनी चाहिए। वहीं सेक्टर-16 का एक्यूआई 96 के साथ संतोषजनक रहा।
मौसम वैज्ञानिक महेश पहलावत ने बताया कि शहर में बीते कुछ दिनों से बारिश नहीं हो रही है। साथ ही रविवार को हवा की रफ्तार भी करीब 13 किलोमीटर प्रति घंटे रही। ऐसे में सड़क पर वाहनों के आवागमन से धूल उड़ना लाजमी है। वाहनों के आवागमन से उड़ रहा धूल के कण हवा में मिल रहे हैं। इससे प्रदूषण बढ़ने लगा है।
शहर में चार जगह लगे हैं सीएएक्यूएमएस
कंटीन्यूएस एम्बीऐंट एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम (सीएएक्यूएमएस) शहर में चार जगह लगे हैं। एनआईटी औद्योगिक क्षेत्र, सेक्टर-11, सेक्टर-30 और सेक्टर-16ए में इसे हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से स्थापित किया गया है। इससे शहर में एक्यूआई स्तर आंका जाता है। सूत्रों के अनुसार रविवार को एनआईटी औद्योगिक क्षेत्र व सेक्टर-11 स्थित स्टेशन से एक्यूआई नहीं आंका गया।
वर्जन-
मौसम के बदलाव के साथ वायरल, डेंगूू, मलेरिया का खतरा ज्यादा है। वहीं वायु प्रदूषण से अस्थमा, दिल, लीवर आदि से ग्रसित मरीजों को परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में वे घर से कम निकलें। अगर कहीं बाहर जा रहे हैं, तो मास्क जरूर लगाएं। - डॉ. रामभगत, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी