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छात्रा उत्पीड़न मामला : एसोसिएट प्रोफेसर की अग्रिम जमानत पर सुनवाई 30 मई को-

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फरीदाबाद। राजकीय महिला कॉलेज में छात्रा उत्पीड़न मामले में फरार एसोसिएट प्रोफेसर सीएस वशिष्ठ की अग्रिम जमानत याचिका पर अब 30 मई को सुनवाई होगी। पुलिस ने इस मामले में दुष्कर्म के प्रयास और अनुसूचित जाति/जनजाति एक्ट की धारा भी जोड़ दी है।
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इस मामले में अनुसूचित जाति/जनजाति संबंधी मामलों की सुनवाई के लिए बनी विशेष अदालत में स्थानांतरित हो गया है। वहीं आरोपी की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है मगर उसका कोई सुराग नहीं मिला रहा।
राजकीय महिला कॉलेज के मामले में आरोपी एसोसिएट प्रोफेसर सीएस वशिष्ठ ने गिरफ्तारी से बचने के लिए बुधवार को अपने वकील के माध्यम से अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कुमुद गुगलानी की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी।
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अदालत ने याचिका पर सुनवाई के लिए 28 मई की तारीख निर्धारित की थी। अब इस मामले में कई और युवतियों के सामने आने पर पुलिस ने दुष्कर्म के प्रयास और एससी/एसटी एक्ट की धारा भी जोड़ दी है। मंगलवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कुमुद गुगलानी के छुट्टी पर होने के कारण मामला जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीपक गुप्ता की अदालत में पहुंचा।
मामले में एससी/एसटी एक्ट की धारा जुड़ी होने के कारण उन्होंने इसे सुनवाई के लिए एससी/एसटी एक्ट संबंधी मामलों की सुनवाई के लिए बनी विशेष अदालत में स्थानांतरित कर दिया। अब इस पर 30 मई को सुनवाई होगी।
वहीं, फरार आरोपी सीएस वशिष्ठ की तलाश में क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 की टीम लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस ने दिल्ली और नोएडा में उसके रिश्तेदारों के घर छापे मारें, मगर वशिष्ठ के बारे में कुछ पता नहीं चल सका है।
रिमांड समाप्त, जगदेव गया जेल
उत्पीड़न मामले में गिरफ्तार कनिष्ठ लैब सहायक जगदेव की रिमांड अवधि समाप्त होने पर मंगलवार को क्राइम ब्रांच ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। रिमांड के दौरान पूछताछ में सामने आया है कि कॉलेज में यह सारा गोरखधंधा पिछले करीब नौ साल से चल रहा था।
इस दौरान आरोपी के संपर्क में कई छात्राएं आई थीं, जोकि कॉलेज से पास होकर जा चुकी हैं। ऐसे में अब पुलिस कॉलेज से पिछले नौ साल का रिकार्ड लेगी। पुलिस का प्रयास है कि इनकी शिकायत पीड़िताएं सामने आएं ताकि केस और मजबूत हो सके।
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