बल्लभगढ़। निकिता हत्याकांड के बाद बिटिया की श्रद्धांजलि सभा के एक दिन पूर्व शनिवार को प्रशासन ने परिजनों की धरने की जिद के बाद अनुमति दे दी है। रविवार को सेक्टर-2 स्थित सामुदायिक भवन में मात्र तीन घंटे के लिए सभा आयोजित हो सकेगी। इसमें प्रशासन ने कड़े नियम लागू किए हैं। परिजनों के अनुसार एक साथ सौ से अधिक लोग जमा नहीं हो सकेंगे। सभा का राजनीतिकरण या भाषण की इजाजत नहीं दी गई है।
निकिता हत्याकांड के बाद रविवार को होने वाली श्रद्धांजलि सभा को लेकर प्रशासन ने शनिवार सुबह तक अनुमति नहीं दी थी। सभा में केवल एक दिन शेष रह जाने के कारण परिजन चिंतित थे। अनुमति नही मिली तो उन्होंने धरने पर बैठने का फैसला तक ले लिया था। मामले की भनक प्रशासन को मिली। आनन-फानन में मंजूरी दे दी गई। परिजनों ने शनिवार सुबह ही घोषणा कर दी कि श्रद्धांजलि सभा की अनुमति न मिलने पर धरना शुरू कर देंगे। साथ ही उन्होंने शोक सभा को न करने का भी फैसला ले लिया था। वहीं पहले ही जनता की नाराजगी झेल रहे प्रशासन ने मामले की गंभीरता भांपते हुए तीन घंटे की शोक सभा की इजाजत दोपहर तक दे दी।
निकिता के मामा एदल सिंह रावत ने बताया कि बल्लभगढ़ के सेक्टर दो स्थित सामुदायिक भवन में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हो सकेगा। कुछ शर्तों के साथ अनुमति मिली है। रविवार दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक सभा की जाएगी, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति को मास्क पहनकर आना अनिवार्य होगा। सभा में किसी तरह का कोई हथियार लाने की अनुमति नहीं होगी। शांतिपूर्वक मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी जाएगी। परिजनों ने लोगों से अपील की है कि प्रशासन की शर्तों के अनुसार ही वह सभा में शामिल होकर शांति पूर्वक श्रद्धांजलि दें।