देशभर की 40 साइबर शिकायतों और ढाई करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। पुलिस की साइबर थाना एनआईटी टीम ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 19.75 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले का खुलासा करते हुए उत्तर प्रदेश के झांसी निवासी विकास (50) को गिरफ्तार किया है। आरोपी को 18 जुलाई को झांसी से गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार सेक्टर-39 निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि जनवरी 2026 में उसके व्हाट्सएप पर शेयर ट्रेडिंग में निवेश कर 600 प्रतिशत तक मुनाफा कमाने का दावा करने वाला संदेश आया। संदेश भेजने वालों ने खुद को 5 पैसा कंपनी से जुड़ा बताकर विश्वास में लिया और शिकायतकर्ता को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया। ग्रुप में प्रतिदिन शेयर बाजार से संबंधित सलाह, निवेश के सुझाव और अधिक मुनाफे के दावे किए जाते थे।
कुछ समय बाद ठगों ने शिकायतकर्ता को एक लिंक भेजकर 5 पैसा नाम से एक मोबाइल एप डाउनलोड करवाया। एप पर निवेश और बढ़ते मुनाफे का फर्जी विवरण दिखाकर उसका विश्वास जीत लिया गया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अलग-अलग बैंक खातों में 19.75 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब उसने अपनी राशि और मुनाफा निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने बहाने बनाकर भुगतान टाल दिया और बाद में संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया।
मामले की जांच के दौरान साइबर थाना एनआईटी की टीम ने बैंक खातों, ट्रांजेक्शन डिटेल, डिजिटल साक्ष्यों और मनी ट्रेल का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम में से करीब 9 लाख रुपये झांसी निवासी विकास के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि आरोपी झांसी में एक कंप्यूटर सेंटर संचालित करता है। पुलिस के अनुसार वह साइबर ठगी में सेकेंड लेयर अकाउंट होल्डर के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी का बैंक खाता केवल फरीदाबाद के इस मामले तक सीमित नहीं है। उसके खाते से तेलंगाना, केरल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और गुरुग्राम समेत विभिन्न राज्यों में दर्ज 40 साइबर शिकायतें जुड़ी हुई हैं। इन मामलों में उसके खाते से ढाई करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध राशि का लेन-देन सामने आया है। फरीदाबाद पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।