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संक्रमितों के लिए 2294 ऑक्सीजन युक्त सहित 7577 बेड आरक्षित

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फरीदाबाद। इन दिनों कोरोना के लगातार बढ़ते मामले तीसरी लहर का अलर्ट है। स्वास्थ्य विभाग दूसरी लहर के बाद से ही तीसरी लहर की तैयारियों में जुट गया था। ऐसे में समय रहते काफी तैयारी और व्यवस्था कर ली गईं। इन दिनों जिले में 7577 बेड आरक्षित किए गए हैं। इसमें से 891 बेड में वेंटिलेटर की सुविधा है और 2294 बेड ऑक्सीजन सुविधा युक्त हैं। जिले के कुल 82 संस्थानों में यह सुविधा सुनिश्चित की गई है। हालांकि मामले बढ़ने पर सरकारी सेवा की दरकार होने के बावजूद जान बचाने के लिए संक्रमित निजी संस्थान पर आश्रित कर दिए जाते हैं। इसके बावजूद सरकारी स्तर पर जिला स्वास्थ्य विभाग तीसरी लहर की तैयारी के दावे कर रहा है।
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विभाग में कोविड-19 के नोडल अधिकारी डॉ. रामभगत बताते हैं कि दूसरी लहर में संक्रमितों की संख्या इतनी नहीं थी, इसके बावजूद अस्पतालों और ऑक्सीजन की दरकार अधिक थी। वहीं, ऐसी स्थिति के लिए स्वास्थ्य सेवाएं भी पर्याप्त तैयार नहीं थी। इस कारण कोविड की दूसरी लहर ज्यादा जानलेवा साबित हुई। इससे सबक लेते हुए सरकार ने तेजी से तैयारी की। फिलहाल तृतीय श्रेणी की सेवाएं देने के लिए दो मेडिकल अस्पताल सहित जिला अस्पताल मौजूद है। पूर्व में केवल ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में तृतीय श्रेणी की स्वास्थ्य सेवाएं देने की क्षमता थी। मौजूदा समय में तीन सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर, ऑक्सीजन व अन्य जरूरी सेवा देने के लिए क्षमता विकसित की गई है। विभाग ने अपने स्तर पर तीसरी लहर की पूरी तैयारी की है। राहत है कि इस बार मामले गंभीर नहीं हो रहे, दीर्घकालीन बीमारियों से पीड़ित कुछ ही लोगों को आईसीयू की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में जरूरत को भांपते हुए मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए भर्ती मामलों से 10 गुना अधिक मरीजों को भर्ती और आइसोलेट करने की क्षमता विकसित की गई है।
बीते वर्ष अप्रैल-मई में था कोरोना का चरम
जानलेवा साबित हुई दूसरी लहर का चरम बीते वर्ष अप्रैल और मई में देखने को मिला था। इस दौरान अप्रैल माह में 25027 और मई में 26177 संक्रमण के मामले मिले थे। वहीं, मार्च माह में कुल 1252 नए मामले सामने आए। जबकि अन्य किसी माह में नए मामलों की संख्या 300 के पार नहीं गई। कोरोना के दूसरी लहर के चरम पर सक्रिय मामलों में 20 से 22 फीसदी मरीज अस्पताल में भर्ती हो रहे थे। तीसरी लहर में सक्रिय मामलों की तुलना में दो फीसदी मरीज भी अस्पताल में भर्ती नहीं हैं। ऐसे में मरीजों की संख्या को देखते हुए सुविधाओं के पर्याप्त होने का दावा किया जा रहा है।
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बच्चों के लिए आरक्षित बेड
ऑक्सीजन बेड 350 (60 सरकारी, 290 निजी )
कुल आईसीयू 328 (65 सरकारी, 263 निजी)
कुल वेंटिलेटर 99 ( 38 सरकारी, 61 निजी)
टीकाकरण के कारण इस बार कोविड के गंभीर मामलों की संख्या बेहद कम है। सक्रिय मामलों की तुलना में भर्ती मामले दो फीसदी भी नहीं हैं। ऐसे में मरीजों की तुलना में दस गुना अधिक तैयारी अस्पतालों में की गई है। इस बार कोविड के चरम से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां पूरी हैं।
- डॉ. रामभगत, कोविड-19 नोडल
संक्रमण को देखते हुए दूसरी लहर के समय ही तैयारियां शुरू कर दी थी। स्वास्थ्य विभाग व प्रशासन पूरी तरह तैयार है। हर 24 घंटे में स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। अब तक की स्थिति को देखते हुए कई गुना तैयारी कर ली गई है। जरूरत पड़ने पर व्यवस्था को और अपग्रेड किया जाएगा।
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- डॉ. विनय गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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