अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। एनआईटी 3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या के लिहाज से अब नाकाफी साबित हो रहा है। 720 बेड के अस्पताल में रोजाना करीब 800 मरीज भर्ती हो रहे हैं। ऐसे में केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव की घोषणा के करीब छह माह बाद 650 बेड के नए अस्पताल का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से करीब साढे़ छह लाख कार्ड धारक जुड़े हैं। यहां फरीदाबाद के अलावा गुरुग्राम, दिल्ली, नोएडा, होडल, पलवल, हथीन, सोनीपत, पानीपत, रेवाड़ी, नारनौल आदि जिलों से रोजाना करीब 4500 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। पिछले एक साल में अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं बढ़ने के साथ ही मरीजों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। अब तक स्टाफ की कमी को दूर नहीं किया गया। इसके साथ ही अस्पताल परिसर के करीब 3 एकड़ में पुराना अस्पताल बना हुआ है। छह माह पहले 28 मार्च 2024 को ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव और केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने पुराने भवन को तोड़ कर करीब 500 बेड का नया अस्पताल बनाने की घोषणा की थी। बाद में यह संख्या बढ़ाकर 650 कर दी गई। मंत्री का दावा था कि अस्पताल के नए भवन का निर्माण कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि शुरुआत में अधिकारियों ने काम में तेजी दिखाई। जमीन का सर्वे कराया गया। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग को काम सौंपा गया। छह माह बीतने के बाद यह योजना केवल फाइलों तक सिमट कर रह गई।
ऑपरेशन मरीजों को मिल रही छह माह की वेटिंग
अस्पताल पर मरीजों का दबाव अधिक होने के कारण अभी ऑपरेशन के लिए आने वाले मरीजों को तीन से छह माह की वेटिंग मिल रही है। ऐसे में कई बार गंभीर मरीजों को निजी खर्च पर निजी अस्पताल में ऑपरेशन करवाना पड़ता है। वहीं, इलाज के लिए अभाव कई बार मरीजों की मृत्यु भी हो जाती है।
नए ऑपरेशन थियेटर बनेगे
अस्पताल में मरीजों को रही परेशानी को देखते हुए दो ऑपरेशन थियेटर खोलने की योजना तैयार की गई है। इनके बनने से मरीजों को काफी राहत मिलेगी। सबसे ज्यादा लाभ दूसरे राज्यों से आने वाले मरीजों और उनके आश्रितों को मिलेगा। साथ ही गंभीर मरीजों को प्रथम श्रेणी में रख कर इलाज किया जा सकेगा।
वर्जन
अस्पताल में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं शुरू होने के बाद मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। ऐसे में नए अस्पताल का काम जल्द शुरू करने की बहुत जरूरत है। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग इस कार्य को देख रहा है।
-डॉ. अनिल पांडे, चिकित्सा अधीक्षक, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल