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Faridabad News: एक करोड़ रुपये की सिगरेट लूटने के मामले में 7 बदमाश गिरफ्तार

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जेल में रची करोड़ों की लूट की साजिश, भूदत्त कॉलोनी में दिया था वारदात को अंजाम
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संवाद न्यूज एजेंसी

बल्लभगढ़। भूदत्त कॉलोनी में सिगरेट के वेयरहाउस से हुई एक करोड़ रुपये के सामान की लूट की साजिश करने वाले आरोपियों ने जेल में रहते ही लूट की साजिश रची थी। सभी आरोपी एक-दूसरे को पहले से जानते थे और सभी की मुलाकात जेल में हुई थी। वहां से बाहर आने के बाद आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया था। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं इस वारदात में शामिल एक आरोपी अभी गिरफ्त से बाहर है। आरोपियों की पहचान दीपक निवासी चमन विहार गाजियाबाद, वीरेंद्र निवासी सोनिया विहार दिल्ली, मोहम्मद उमर निवासी संगम विहार दिल्ली, राहुल निवासी सोनिया विहार दिल्ली, विनय निवासी जैन नगर दिल्ली, मुकेश कुमार निवासी शिव विहार गाजियाबाद और बब्लू निवासी गजरौला जिला अमरोहा यूपी के रूप में हुई है।

मामले का खुलासा सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) क्राइम वरुण कुमार दहिया ने बताया कि 28-29 दिसंबर की रात आरोपियों ने बल्लभगढ़ की भूदत्त कॉलोनी स्थित सिगरेट के वेयरहाउस की दीवार फांदकर अंदर प्रवेश किया। वेयरहाउस में मौजूद सिक्योरिटी गार्ड सुनील को आरोपियों ने बंधक बना लिया और उसके साथ मारपीट की। इसके बाद गोदाम के अंदर बने कमरों के ताले तोड़कर करीब 60 हजार सिगरेट के डिब्बों से भरी पेटियां को लूट कर ले गए थे। उस माल की कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही थी।
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जेल में मिले थे एक दूसरे से
एसीपी वरुण ने बताया कि इस गिरोह का मुख्य आरोपी उमर है जो दिल्ली का रहने वाला है। उसके साथ बबलू, राहुल, दीपक और राकेश ने मिलकर इस लूट की वारदात को अंजाम दिया। सभी आरोपी दिल्ली के निवासी हैं, जबकि चोरी का माल खरीदने वाले आरोपी मुकेश गाजियाबाद के रहने वाले हैं।

7 दिन की रिमांड पर है आरोपी
अपराध शाखा सेक्टर 30 की टीम ने तकनीकी सहायता व गुप्त सूत्रों की सूचना के आधार पर घटनाक्रम में शामिल पांच आरोपियों को 17 जनवरी को गिरफ्तार किया सा। जिनको 7 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया। इसके बाद 20 जनवरी को दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनको 21 जनवरी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया।
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पहले से दर्ज हैं लूट के मामले
एसीपी वरुण दहिया ने बताया कि आरोपियों के साथ वीरेंद्र नाम का एक अन्य साथी भी शामिल था, जो वाहन चलाने और माल को एक वाहन से दूसरे वाहन में लोड करने का काम करता था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ के खिलाफ पहले से ही चोरी और लूट के कई मामले दर्ज हैं। सभी आरोपी एक-दूसरे के जानकार हैं और कुछ की पहचान जेल में रहने के दौरान हुई थी, वहां से इस वारदात की साजिश रची गई।
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