फरीदाबाद। एक दिन की राहत के बाद खोरी गांव में सोमवार को फिर तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई है। निगम दस्ते से गांव में दिल्ली बार्डर की ओर से सटे अवैध मकानों और दुकानों पर कार्रवाई की। इस दौरान करीब 500 मकान और दुकानें तोड़ दी गईं। अब तक करीब 90 फीसदी अवैध कब्जों को तोड़ दिया गया है। केवल 10 फीसदी कब्जा बचा है, जो दिल्ली-हरियाणा सीमा विवाद में फंसा हुआ है। पैमाइश की रिपोर्ट के आधार पर यहां भी जल्द कार्रवाई शुरू होगी। कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया।
कुछ लोगों को घरों को बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई। करीब सात घंटे चली कार्रवाई में झुग्गी झोपड़ी सहित कई दो-दो, तीन-तीन मंजिल के मकान को भी तोड़ दिया। यह कार्रवाई दिल्ली लाल कुआं स्थित दो नंबर चुंगी तक की गई।
अरावली वन क्षेत्र में बसे खोरी गांव में करीब 10 हजार मकान है। सात जून को सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार और नगर निगम को वन क्षेत्र के अवैध मकानों को तोड़फोड़ कर जंगल की जमीन को फिर से जंगल बनाने के आदेश दिए थे। कोर्ट के आदेश पर नगर निगम की ओर से 20 दिन से खोरी गांव में तोड़फोड़ कार्रवाई की जा रही है। रविवार को बारिश के कारण तोड़फोड़ दस्ते को एक दिन का आराम दिया गया था। इसके साथ ही तोड़फोड़ कार्रवाई स्थगित कर दी गई थी। सोमवार सुबह एक बार फिर निगम का तोड़फोड़ दस्ता भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंचा गया। मशीनों व पुलिस को देखकर डरे-सहमे लोग अपने घरों से बाहर निकलने के लिए तैयार नहीं थे।
पुलिस ने बल पूर्वक लोगों को बाहर निकाला। निगम की टीम ने शुक्र बाजार से दिल्ली लालकुआं दो नंबर चुंगी तक तोड़फोड़ की। इस दौरान सात पोकलेन और सात जेसीबी मशीन की मदद से घरों को तोड़ा गया। मौके पर कुछ लोगों ने तोड़फोड़ कार्रवाई का विरोध किया। लेकिन, पुलिस के आगे लोगों की एक न चली और उनके आशियाने मिट्टी में मिल गए।
पुलिस रही मुस्तैद
निगम की तोड़फोड़ कार्रवाई अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। इस कारण प्रशासन सावधानी से कार्रवाई को आगे बढ़ा रहा है। सोमवार को निगम की ओर से दो नंबर चुंगी क्षेत्र में मकानों को तोड़ा गया। कार्रवाई के दौरान कोई विरोध या पथराव न हो इसके लिए 200 मीटर के दायरे में पुलिस को लगाया गया है। जिससे की कोई टीम पर पथराव या किसी प्रकार का हमला न कर सके। इसलिए दिल्ली की सीमा को भी सील रखा गया। तोड़फोड़ के दौरान दिल्ली वन विभाग के अधिकारी भी खोरी गांव में तैनात रहे। वहीं ड्रोन से भी पूरे इलाके पर नजर रखी गई।
एक दिन पहले घर खाली करने को कहा गया
अभी तक नगर निगम अरावली में बने मकानों को तोड़ रहा था। इसमें बीच-बीच में लोगों ने मकान बनाए हुए थे। अब अरावली में दिल्ली बार्डर से सटे एरिया में कार्रवाई की जा रही है। इस क्षेत्र में पक्की गलियां व बिजली के कनेक्शन होने से लोगों को लग रहा था कि वह दिल्ली में हैं और सुरक्षित है। स्थानीय लोगों के अनुसार रविवार की शाम उन्हें अचानक घर खाली करने को कहा गया। वह कुछ समझ पाते की सुबह नगर निगम का दस्ता तोड़ने के लिए मौके पर पहुंच गया। ऐसे में लोगों ने आनन-फानन में सामान बाहर निकाला। प्रशासन की इस कार्रवाई से अन्य लोगों में भी हड़कंप मच गया है। उनका कहना हैं कि उनके पास दिल्ली का वोटर आईडी कार्ड समेत अन्य दस्तावेज है। उन्होंने तो दिल्ली में घर बनाया था। अचानक हुई इस कार्रवाई से लोगों में रोष है। उनका कहना है कि खोरी गांव में पहले से प्रशासन लोगों को चेतावनी दे रहा था। लेकिन, उनके साथ पहले सचेत नहीं किया गया।
वर्जन
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर खोरी गांव में तोड़फोड़ कार्रवाई लगातार जारी है और आगे भी जारी रहेगी। सोमवार को खोरी गांव में भारी तोड़फोड़ की गई। कुछ जगह लोगों का आंशिक विरोध देखने को मिला, लेकिन पुलिस ने स्थिति को काबू कर लिया। - यशपाल यादव, उपायुक्त