अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। साइबर ठगों को बैंक खाते व सिम मुहैया कराने के मामलों में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें चार आरोपियों ने ठगों को खाते मुहैया जबकि एक आरोपी ने सिम मुहैया कराई थी। साइबर क्राइम थाना सेंट्रल और बल्लभगढ़ की टीम ने यह कार्रवाई की है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि तीन मामलों की जांच करते हुए इन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों को पूछताछ के बाद अदालत में पेश कर जेल भेजा गया है।
पहले मामले में आईपीओ में निवेश का झांसा देकर 25.35 लाख रुपये की ठगी में साइबर ठगों को बैंक खाते मुहैया कराने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। साइबर क्राइम थाना सेंट्रल टीम की ओर से पकड़े गए आरोपियों की पहचान गुजरात भावनगर निवासी जिलराज (19), भावेश भाई लांगडिया (22) और गुजरात बोटाद निवासी दिव्यराज मनहर भाई लांगाबदरा के तौर पर हुई। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि जिलराज ने उदित से खाता लेकर आगे दिव्यराज को दिया। दिव्यराज ने यह खाता आगे भावेश को दिया था और भावेश ने ठगों को खाता दिया था।
जिलराज स्नातक, दिव्यराज 12वीं व भावेश बीएससी की पढ़ाई कर रहा है। खाताधारक कुलदीप है, जिसके खाते में ठगी के कुल 1.5 लाख रुपये आये थे। खाताधारक कुलदीप सहित उदित व वरुण को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अब पकड़े गए तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
दूसरे मामले में होटल बुकिंग के नाम पर 12.72 लाख रुपये की ठगी में जांच करते हुए साइबर क्राइम थाना सेंट्रल की टीम ने आरोपी खाताधारक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बिहार गया निवासी बिपिन (28) के तौर पर हुई। इसने अपना खाता ठगों को बेचा था। आरोपी स्नातक की पढ़ाई के बाद खेती करता है। इसके खाते में ठगी के 1.44 लाख रुपये आए थे। आरोपी को पुलिस ने जेल भेज दिया है।
तीसरे मामले में क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पाइंट रिडीम करने के नाम पर 1.53 लाख रुपये की ठगी मामले में साइबर क्राइम थाना बल्लभगढ़ की टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान दिल्ली के संगम विहार निवासी मौसिम खान (23) के तौर पर हुई। आरोपी ने ठगों को सिम मुहैया कराई थी। इसी की सिम से ठगी के लिए कॉल की गई थी। आरोपी 9वीं तक पढ़ाई के बाद होटल में खाना बनाने का काम करता है। इसे अदालत में पेश कर पुलिस ने जेल भेज दिया है।