अदालत ने 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। खेड़ीपुल थाना एरिया से 15 साल की नाबालिग को बहला-फुसला कर ले जाने के बाद छेड़छाड़ के दोषी युवक इकरार अली को अदालत ने 4 साल कैद की सजा सुनाई है। पुख्ता सबूतों व गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार देते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हेमराज मित्तल की अदालत ने सजा पर फैसला सुनाया। पैनल अधिवक्ता रविंद्र गुप्ता ने बताया कि अदालत ने दोषी पर 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
खेड़ीपुल थाने में नाबालिग के अपहरण के तहत ये एफआईआर 17 अक्टूबर 2020 को दर्ज हुई थी। 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली 15 साल की नाबालिग को कोई बहला-फुसला कर घर से ले गया। नाबालिग की मां ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 15 अक्टूबर 2020 को उनकी बेटी घर से चली गई। पुलिस ने मामले में जांच करते हुए 14 नवंबर 2020 को नाबालिग को यूपी मथुरा से मुक्त कराया। साथ ही उसे ले जाने के आरोपी भारत कॉलोनी निवासी 24 साल के इकरार अली को गिरफ्तार किया। नाबालिग ने बयान दिया कि आरोपी को उसने शारीरिक संबंध बनाने नहीं दिए। लेकिन उसने 14 अक्टूबर 2020 को घर पर व मथुरा आकर कई बार छेड़छाड़ की थी। जिसके चलते केस में पॉक्सो एक्ट की धारा 8 लगाई गई। आरोपी को जेल भेजने के बाद पुलिस ने चालान तैयार कर अदालत में पेश किया जिसमें 13 गवाह बनाए गए। सरकारी वकील सुरेश चौधरी ने गवाहों की गवाही कराई। अब अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा पर फैसला सुनाया है।