फरीदाबाद। अंतरराष्ट्रीय प्लास्टिक बैग्स फ्री डे के अवसर पर डॉ. ओपी भल्ला फाउंडेशन ने 34,000 किलोग्राम प्लास्टिक कचरे को पुनर्चक्रण के जरिये उपयोगी उत्पादों में बदलने की जानकारी साझा की। इसमें हैलाकर बेंच, टी-शर्ट्स और कचरादान को तैयार करना शामिल है। इसमें से 24,000 किलो प्लास्टिक से 12 बेंच बनाई गई हैं, जो मानव रचना परिसर और भांखरी के सरकारी स्कूल में लगाई गई हैं। वहीं 10,000 किलो प्लास्टिक से 100 से ज्यादा टी-शर्ट्स और 4 डस्टबिन बनाए गए हैं। यह काम प्रोजेक्ट रिबॉर्न के तहत किया गया है।
इस परियोजना में 5 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर जोड़ा गया, जिन्होंने टी-शर्ट्स बेचकर 20,000 तक की कमाई की। इसके तहत स्कूलों के छात्र भी जुड़े हैं और प्लास्टिक कचरे को इकट्ठा कर उसका दोबारा इस्तेमाल किया गया है। साथ ही इस प्रयास से करीब 15 मीट्रिक टन सीओटू गैस के उत्सर्जन को रोका गया है। संवाद