31 दिसंबर तक नियमितीकरण का काम पूरा करने का लक्ष्य, हजारों परिवारों को मिलेगी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहरवासियों के लिए राहतभरी खबर है। हरियाणा सरकार के निर्देश पर एनआईटी क्षेत्र की 27 कॉलोनियों और 24 छूटे भूखंडों को नियमित किया जाएगा। इससे हजारों परिवारों को सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलेगा। नगर निगम ने नियमितीकरण का काम तेज कर दिया है और 31 दिसंबर तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अब इन कॉलोनियों में बिजली, पानी व सड़क जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
जानकारी के मुताबिक इन काॅलोनियों का सर्वे चल रहा है और पात्र कॉलोनियों का चयन किया गया है। अनुमानित रूप से जिन 27 कॉलोनियों को नियमित किया जाना है उनमें संभावित संत नगर, शास्त्री कॉलोनी, पंजाबी कॉलोनी, वाल्मीकि कॉलोनी, प्रेम नगर, विकास नगर, शिव कॉलोनी, गंगा राम कॉलोनी, डबुआ कॉलोनी, नगला रोड कॉलोनी, न्यू संजय कॉलोनी, सागर कॉलोनी, राजीव कॉलोनी, नवीन नगर, संजय गांधी कॉलोनी, संजय कॉलोनी, न्यू भारत कॉलोनी, आदर्श कॉलोनी, एमआईजी कॉलोनी, जाट धर्मशाला क्षेत्र कॉलोनी, कृष्णा कॉलोनी, त्रिलोकपुरी, भारतीय कॉलोनी, बजरंग कॉलोनी, राज नगर, संजय नगर और प्रदीप कॉलोनी शामिल हो सकती हैं। नगर निगम द्वारा पात्रता की पूरी जांच के बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी।
इन कॉलोनियों और भूखंडों के नियमित होने से रहवासियों को संपत्ति रजिस्ट्रेशन की सुविधा, सरकारी योजनाओं का लाभ और बुनियादी ढांचा विकास सुनिश्चित होगा। अब तक यह क्षेत्र अवैध माने जाते थे, जिससे नागरिक मूलभूत अधिकारों से वंचित रहे थे। स्थानीय पार्षदों और सामाजिक संगठनों की लगातार मांग के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है।
नगर निगम के अधिकारी जल्द ही ड्राइंग और नक्शा स्वीकृति के लिए बैठक करेंगे। कॉलोनियों में पानी, सीवर, सड़क और स्ट्रीट लाइट के कामों की रूपरेखा बनाई जा रही है। प्रशासन का दावा है कि 2026 तक शहर की पूरी एनआईटी क्षेत्र की कॉलोनियों को नियमित कर सुविधाओं से जोड़ दिया जाएगा।
अधिकारी बताते हैं कि नियमन प्रक्रिया के तहत सभी कॉलोनियों का खाका तैयार किया जा रहा है जिसमें प्लॉट आकार, बैकलेन, पार्किंग, सामुदायिक भवन, ग्रीनबेल्ट आदि का ख्याल रखा जाएगा। यही नहीं संपत्ति मालिकों को लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी जाएगी।
निगम अधिकारियों ने बताया कि कॉलोनियों के नियमन के बाद राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। बिजली, पानी, सड़क जैसे कार्य प्राथमिकता पर होंगे। साथ ही, मान्यता मिलने के बाद संपत्ति विवादों को हल करने में भी सहायता मिलेगी।