फरीदाबाद। एनआईटी से कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने शुक्रवार को उनके घर के सामने अतिक्रमण को हटाने के मामले को राजनीति से प्रेरित बताया। शनिवार को प्रेसवार्ता में पार्षदों के संरक्षण में नगर निगम में 250 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाते हुए निगमायुक्त से पहले उन पर कार्रवाई करने की मांग की।
शुक्रवार को एनआईटी क्षेत्र के पार्षदों ने निगमायुक्त के दफ्तर पर धरना देकर कांग्रेसी विधायक पर गली में कब्जा करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद निगमायुक्त ने तोड़फोड़ दस्ते को भेजकर चबूतरा तुड़वा दिया। शनिवार को विधायक ने सरकार से सवाल किया कि निगम में घोटाले का मामला काफी समय से चल रहा है। तत्कालीन निगमायुक्त के आदेश के बाद भी अभी तक घोटाला करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई। यदि पार्षद उनके परिवार के खिलाफ लामबंद होने के बजाय भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुटता दिखाते तो आज शहर का भला हो जाता। उन्होंने घर के बाहर कोई अतिक्रमण, कब्जा नहीं किया था। बस नाले को थोड़ा ऊंचा किया, ताकि बारिश के दिनों में घरों में पानी न भरे। नगर निगम जलभराव से निजात दिलाने का काम करे, तो किसी भी व्यक्ति को अपने घर के बाहर ऐसे इंतजाम नहीं करने होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सबसे ज्यादा अवैध कब्जे भाजपा के पार्षद व विधायकों ने जगह-जगह कर रखे हैं। इसकी जानकारी नगर निगम को भी है। इन्हें क्यों नहीं तोड़ा जाता है। इस मौके पर पूर्व विधायक ललित नागर, बलजीत कौशिक अनीशपाल, गौरव ढींगड़ा, रूपा गौतम, अहसान कुरैशी, इकबाल कुरैशी, हरबीर मवई, रामेहर चौधरी आदि मौजूद रहे।