कोरोना वायरस के मामलों की रोकथाम के लिए फरीदाबाद जिला उपायुक्त ने नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब कोई भी मेडिकल स्टोर संचालक बिना डॉक्टरी परामर्श के किसी भी व्यक्ति को दवाएं नहीं देगा। खासकर खांसी, जुकाम और बुखार की दवा बिना डॉक्टरी परामर्श के नहीं दी जाएंगी।
यदि मेडिकल स्टोर संचालक ऐसा करते हुए पाया जाता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश जिला उपायुक्त ने मेडिकल फील्ड के सभी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर जारी किए हैं।
उपायुक्त यशपाल यादव ने शनिवार को लघु सचिवालय के सभागार में मेडिकल स्टोर संचालकों व निजी डॉक्टरों की एक साथ बैठक ली। उपायुक्त ने आदेश जारी किए कि डॉक्टरी परामर्श की पर्ची दिखाए बिना किसी भी व्यक्ति को दवाएं न दें, खासतौर पर जुकाम, खांसी व बुखार की दवाएं।
आदेशों का उल्लंघन करने पर मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने बताया कि मेडिकल स्टोर संचालकों व क्लीनिक के डॉक्टरों को जुकाम, खांसी व बुखार जैसे लक्षणों की दवा लेने वाले व्यक्ति का डेटा भी तैयार करना होगा। हर दिन यह डेटा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार के कार्यालय में दें।
प्रशासन घर-घर जाकर सर्वे करने में जुटा है। इस दौरान जुकाम-खांसी-बुखार होने की जानकारी छिपाने वाले के खिलाफ धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। कोविड-19 से जीतने के लिए जिला प्रशासन ने जीरो टॉलरेंस की नीति लागू की है।
उपायुक्त ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों व आमजन से सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बेपरवाह होना छोड़ दें। थोड़ी-सी सख्ती से नियमों को लागू करें। इससे कोई नाराज होता है तो होने दें।