पहली बार हरियाणा विधानसभा पहुंचीं भाजपा विधायक सीमा त्रिखा को जब अध्यक्ष ने बोलने का मौका दिया तो गुड़गांव और नोएडा के मुकाबले फरीदाबाद के पिछड़ेपन पर उनका दर्द छलक पड़ा। त्रिखा ने उद्योगों, झुग्गियों, शिक्षा और पानी जैसे जनहित से जुड़े मुद्दे उठाए। सरकार से उनके समाधान की मांग की।
उन्होंने कहा कि कभी फरीदाबाद को उत्तर भारत का मानचेस्टर कहा जाता था, लेकिन पिछली सरकारों की गलत नीतियों के कारण यहां के उद्योग एक-एक करके बंद होते गए। इससे शहर पिछड़ गया। यह शहर तभी तरक्की कर सकता है जब यहां कोई बड़ी यूनिट आए। मदर यूनिट आए। लंबे समय से यहां कोई बड़ा निवेश नहीं हुआ।
त्रिखा ने कहा कि उनके अपने विधानसभा क्षेत्र बड़खल में बड़खल झील सूख गई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद इस क्षेत्र में खनन होता रहा। इससे झील के आसपास छोटी-छोटी और गहरी खानें बन गईं, इससे यह सूख गई। अब भी कुछ माफिया खनन कर रहे हैं। इसलिए इस तरह की गतिविधियों को रोक कर झील पानी से लबालब करवाई जाए। यह बड़ा पर्यटन स्थल बन सकता है।
फरीदाबाद जैसे पुराने औद्योगिक शहर में एक भी सामान्य सरकारी यूनिवर्सिटी नहीं है। इसकी वजह से यहां के बच्चे एमडीयू रोहतक और दिल्ली यूनिवर्सिटी पर निर्भर हैं। इसलिए यहां एक यूनिवर्सिटी खोली जाए। त्रिखा ने कहा कि फरीदाबाद में बड़ी आबादी झुग्गियों में रहती है। इन सभी झुग्गियों में मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाकर वहां रहने वालों को स्थाई पुनर्वास किया जाए, ताकि शहर सुंदर भी लगे और गरीबों को मकान भी मिल जाए।