बड़े ही जोशो खरोश से जो मेट्रो सेवा रविवार को शुरू हुई थी, जिसे हरी झंडी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिखाई थी, वो पहले ही दिन लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी।
फरीदाबाद मेट्रो सेवा का प्रबंधन पहले ही दिन पटरी से उतरता दिखा। जिसकी वजह से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा और सुबह-सुबह ही वो फजीहत में फंस गए।
गौरतलब है कि आज सुबह जब लोग फरीदाबाद मेट्रो सेवा का लाभ उठाने के लिए स्टेशनों पर पहुंचे तो उन्हें वहां पहले से मौजूद भारी भीड़ और अव्यवस्था का सामना करना पड़ा।
7-7 मिनट के अंतराल से चल रही है फरीदाबाद मेट्रो
जानकारी के अनुसार यात्री जब सोमवार की सुबह मेट्रो सेवा का लाभ उठाने स्टेशनों पर पहुंचे तो पाया कि वहां भारी संख्या में लोग मेट्रो का इंतजार कर रहे हैं।
बता दें कि फरीदाबाद मेट्रो सेवा के अंतर्गत 4 कोच वाली मेट्रो चल रही है जिससे ज्यादा लोग सवार नहीं हो पा रहे। हालांकि यहां 6 कोच वाली मेट्रो भी प्रस्तावित है।
इसके साथ ही अव्यवस्था का आलम ये है कि जहां दिल्ली मेट्रो की अन्य सेवाएं प्रति 2 से 3 मिनट की सर्विस देते है वहीं फरीदाबाद मेट्रो के लिए लोगों को 7-7 मिनट का लंबा इंतजार करना पड़ा, जिससे हालात ज्यादा बेकाबू हुए।
अनाउंसमेंट की भी नहीं है सुविधा
गौरतलब है कि लोग अतिउत्साह में मेट्रो से कम समय में दिल्ली पहुंचने के लिए बिना अपनी सवारी के घर से निकल तो गए लेकिन मेट्रो की अव्यवस्था ने उन्हें बहुत छकाया।
फरीदाबाद मेट्रो की अव्यवस्था यहीं खत्म नहीं होती। बता दें कि आपने मेट्रो में सफर करते वक्त अनाउंसमेंट जरूर सुना होगा जिससे यात्रियों को अपना स्टेशन पता करने में और अन्य जानकारियां जुटाने में काफी आसानी होती है।
फरीदाबाद मेट्रो में अनाउंसमेंट की सुविधा की उपलब्ध नहीं है। ड्राइवर खुद ही माइक लेकर स्टेशनों और अन्य वांछित जानकारियों की उद्घोषणा कर रहा है।
आज पहले दिन फरीदाबाद मेट्रो के लिए भीड़ इतनी ज्यादा रही कि ट्रेन को रुक-रुक कर चलना पड़ा। गौरतलब है कि आखिरी स्टेशन मुजेसर से दोबारा रवाना होते वक्त उसी स्टेशन पर मेट्रो भर जा रही थी, जिससे आगे के स्टेशन के यात्री उसपर चढ़ ही नहीं पा रहे थे। हालांकि खबर है कि दिन बढ़ने के साथ ही भीड़ कम हो गई है और सेवाएं भी कुछ ठीक हो गई हैं।