यदि आप एक ही अच्छा या दो बच्चे सुखी परिवार मानकर अपना सुंदर परिवार सजाने की कल्पना कर रहे हैं तो आपको सावधान होने की जरूरत है। क्योंकि सरकारी अस्पताल में करवाई गई परिवार नियोजन पर सौ प्रतिशत कामयाब नहीं होतीं।
सरकारी अस्पतालों के आंकड़े तो यही बता रहे हैं। यहां करवाये परिवार नियोजन के आपरेशन फेल हो रहे हैं बल्कि हर साल इनकी संख्या बढ़ रही है। जिसमें पुरूष (नसबंदी) भी शामिल है।
आज सबका सपना होता है कि वह अपने बच्चों को पढ़ा लिखाकर बड़ा होनहार इंसान बनाएं। इसके लिए अधिकांश लोग एक या दो बच्चों के बाद परिवार नियोजन का आपरेशन करवा लेते हैं।
जिसमे पुरुषों की नसबंदी और महिला की नलबंदी के उपाय शामिल हैं। अधिकांश लोग इन ऑपरेशन के बाद निश्चिन्त हो जाते हैं। लेकिन सिविल अस्पताल के आंकड़े बता रहे हैं कि आपको इसके बाद भी सावधान रहने की जरूरत है।
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जी हां जिला अस्पताल में आए दिन नसबंदी व नलबंदी के ऑपरेशन फेल हो रहे है। जिससे परिवार नियोजन की योजना फेल होती नजर आ रही है। लगातार बढ़ रह आंकड़ा चिंता का कारण बन रहा है।
फेल हुए ऑपरेशन में पुरूष भी शामिल है। जब नलबंदी ऑपरेशन के बाद महिलाओं को गर्भवती होने का पता चलता है तो उनका परेशान होना स्वाभाविक है। कई बार तो महिलाएं इस पर विश्वास नहीं कर पाती कि वह गर्भवती है।
जिला अस्पताल में प्रसव के बाद आई सुभाष कॉलोनी निवासी बीना ने बताया कि उसने 2015 में पलवल के सरकारी अस्पताल से नलबंदी का ऑपरेशन कराया था। लेकिन 2016 में फिर से बीना गर्भवती हो गई। और अब बीना को पांचवी लड़की पैदा हुई है।
कुल हुए ऑपरेशन आंकड़े
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नलबंदी का ऑपरेशन मासिक धर्म के बाद तीन दिन के अन्दर कराना होता है। लेकिन कई बार महिलाएं ऑपरेशन को मासिक धर्म के 15 दिन बाद झुठ बोल कर करवाती है। जिससे ऑरपेशन फेल हो जाते है। -पुष्कर, सुपरिडेंट परिवार नियोजन विभाग
नसबंदी फेल होने पर मिलती है 30 हजार की अनुग्रह राशि
यदि परिवार नियोजन के बाद कोई महिला गर्भवती हो जाती है। तो उसके 60 दिन के अन्दर कराए गए परिवार नियोजन का प्रमाण पत्र व गर्भवती का प्रमाण पत्र परिवार नियोजन विभाग में जमा कराने से 30 हजार रूपये मिलते है।
वर्ष नलबंदी(महिलाएं) नसबंदी(पुरूष) फेल ऑपरेशन
2014-2015 3133 118 16 1 नसबंदी(पुरूष)
2015-2016 3391 56 31
2016-2017 2852 52 37