देश को झकझोर देने वाले उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी में 11 लोगों की सामूहिक खुदकुशी मामले में मौके से जो रजिस्टर मिले थे, वह चूड़ावत परिवार ने ही लिखे थे। ज्यादातर रजिस्टर परिवार के दो बच्चों ने लिखे थे।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को मिली हैंडराइटिंग की रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस अब इस मामले में चूड़ावत परिवार के लोगों के मोबाइलों की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
गौरतलब है कि 1 जुलाई, 2018 को बुराड़ी में परिवार के 11 लोगों ने आस्था के नाम पर एक साथ खुदकुशी कर ली थी। बुराड़ी पुलिस ने शुरूआत में यह मामला आईपीसी की धारा 302 (हत्या) में दर्ज किया था। बाद में मामले की जांच अपराध शाखा को सौंपी गई थी। शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मौके से करीब 13 रजिस्टर मिले थे।
इनमें आस्था के नाम पर काफी बातें लिखी हुई थीं। अधिकारियों को आशंका थी कि ये रजिस्टर किसी बाहरी व्यक्ति ने लिखे हो सकते हैं। अपराध शाखा ने परिवार के लोगों की हैंडराइटिंग और रजिस्टर को मिलान के लिए भेजा था।
सभी 11 परिजनों की हैंडराइटिंग के सैंपल भेजे गए थे। अपराध शाखा को एफएसएल, रोहिणी से पिछले सप्ताह मिली रिपोर्ट में कहा गया है कि रजिस्टर परिवार के सात सदस्यों ने लिखे थे। रिपोर्ट से पता लगा कि ज्यादातर रजिस्टर दो बच्चों ने लिखे थे।
अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस इस मामले में परिजनों के मोबाइलों की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। पुलिस देखना चाहती है कि खुदकुशी करने से पहले उन्होंने किसी को फोन व मैसेज किया या नहीं।
साथ ही, इनके पास किसी का फोन व मैसेज आया या नहीं। मोबाइल की रिपोर्ट मिलने के बाद दिल्ली पुलिस इस केस में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने जा रही है। वैसे कोई परिजन चाहे तो पुलिस के केस बंद करने पर आपत्ति उठा सकेगा। हालांकि, परिवार ने अब तक पुलिस की तफ्तीश पर कोई सवाल नहीं उठाया है। पुलिस आईपीसी की धारा 302 का ही केस बंद करेगी।