आयुर्वेदिक दवा की दुकान चलाने वाले दुकानदार ने इनकम टैक्स अधिकारी बनकर 48 लाख रुपये की ठगी की। आरोपी ने दुकान पर काम करने वाले और कुछ अन्य दोस्तों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं।
पुलिस ने घटना के 24 घंटे के बाद दुकानदार व उसके एक दोस्त को गिरफ्तार कर मामला सुलझाने का दावा किया है। आरोपियों की पहचान बाल्मीकि मोहल्ला, बाली गांव निवासी नितिन सूद (32) और शादीपुर निवासी प्रवीण कुमार(30) के रूप में हुई है। इनके पास से 22.45 लाख रुपये और वारदात में इस्तेमाल सेंट्रो कार बरामद की गई है।
जिला पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज ने बताया कि नितिन सूद प्राणी विज्ञान से स्नातक करने के बाद सेक्टर-5 रोहिणी में आयुर्वेदिक दवा की दुकान चला रहा था। 11 अप्रैल को नितिन कुछ सहयोगियों के संग खुद को इनकम टैक्स अधिकारी बताकर इंद्रवीर के घर में घुस गया और 46 लाख रुपये की ठगी की। पहचान छुपाने के लिए बदमाश घर में लगे सीसीटीवी की डीवीआर भी साथ ले गए।
पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। थाना प्रभारी सुनील कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने इंद्रवीर के घर जाने वाले रास्तों व आसपास के इलाके लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज को खंगाला। एक ढलाव घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे में नीतिन की सेंट्रो कार कैद हो गई। इसकी जांच करते हुए पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी नितिन को गिरफ्तार कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने प्रवीण को गिरफ्तार कर लिया। जबकि फरार सहयोगी सीमा, दीपक और नेहा की तलाश की जा रही है।
कारोबार में घाटा होने पर रची वारदात की साजिश
मुख्य आरोपी नितिन नशे का आदी है। उसके खिलाफ वर्ष 2015 में पश्चिम विहार थाने इलाके में एक ज्वेलर से 90 लाख की लूट व शाहबाद डेयरी इलाके में फर्जी कागजात के जरिए एक प्लॉट बेचने का मामला दर्ज है। प्रवीण नितिन के दुकान पर काम करता है। नितिन ने पूछताछ में बताया कि कारोबार में घाटा होने की वजह से वह कई लोगों से ऊंचे ब्याज पर उधार ले रखा है। उसे रुपयों की जरूरत थी।
उसकी एक महिला दोस्त नेहा ने इंद्रवीर के घर में काफी रुपये होने की जानकारी दी थी। इस सूचना पर नितिन ने सहयोगी प्रवीण, दीपक और सीमा के साथ मिलकर फिल्म स्पेशल 26 के तर्ज पर ठगी करने की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे रकम की बरामदगी हो पाएगी।