लाइसेंस बनाने के लिए बैठकें और शिविर लगेंगे
फैक्टरी लाइसेंस बनवाने के लिए उद्यमियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सभी 12 जोन में औद्योगिक क्षेत्रों में सुविधा शिविरों का आयोजन नियमित रूप से करने का फैसला किया है। फैक्टरी लाइसेंसिंग विभाग के अधिकारी उद्यमियों के मुद्दों को हल करेंगे, इसके लिए ये औद्योगिक संघ के प्रतिनिधियों के साथ नियमित रूप से बातचीत करेंगे।
ऑनलाइन आवेदन प्रणाली में सुधार
फैक्ट्री लाइसेंसिंग विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन पोर्टल को सरल बनाया गया है, इससे उद्यमियों को फैक्टरी लाइसेंस के लिए आवेदन करने में सुविधा होगी। उद्यमियों की शिकायत पर एनआईसी पोर्टल में बदलाव किए गए है, भविष्य में शिकायतों के समाधान के लिए एक अलग टीम तैनात की गई है।
लाइसेंस बनवाने के लिए शपथपत्र भी जमा करने से छूट दी गई है, अब लाइसेंस के पीछे नियम और शर्तें मुद्रित रहेंगी। आवेदन फार्म से गैर जरूरी विषयों को हटाया है। प्रक्रिया प्रवाह चार्ट, कच्चे माल की सूची, अपशिष्ट उत्पाद सूची, आगे और पीछे की खाली जगह, लैंडलाइन नंबर, दो स्थानों पर पता क्षेत्र इत्यादि कॉलम अब हटा दिया है।
निगम का राजस्व बढ़ाने पर जोर
प्रक्रिया का सरल बनाने का उद्देश्य लोगों की सहूलियत और राजस्व बढ़ाने पर जोर है। एमसीडी ने वित्त वर्ष 2023-24 में कुल 6568 फैक्टरी लाइसेंस बनाए और 12.16 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। इसी प्रकार 2022-23 में 16202 लाइसेंस बनाए और 16.98 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। 2021-22 में 11867 लाइसेंस बने और 12.91 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। 2020-21 में 10501 लाइसेंस बने और 6.25 करोड़ रुपये का राजस्व मिला, 2019-20 में 9211 लाइसेंस बने और 8.59 करोड़ रुपये राजस्व मिला और 2018-19 में 16507 लाइसेंस बने और 6.04 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया।