वैवाहिक वेबसाइट के जरिये हाईप्रोफाइल युवतियों को शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले आरोपी के नाइजीरियाई परिजन से पुलिस के नाम पर चार लाख रुपये की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया है। नाइजीरियाई सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन के एक्स हैंडल से मामले की शिकायत नोएडा पुलिस और डीजीपी से की गई है। खास बात है कि पूर्व में अफ्रीकी नागरिकों का नेतृत्व करने वाले एक नाइजीरियाई पर आरोपी के परिवार से रुपये मांगने का आरोप लगा है। मामले की जांच रबूपूरा पुलिस को सौंपी गई है।
नाइजीरियाई सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन के एक्स हैंडल पर यूपी और नोएडा पुलिस के अधिकारियों को टैग कर शिकायत की गई है कि हाल ही में दनकौर थाना क्षेत्र में सुपरटेक की सोसाइटी में रहने वाले नाइजीरियाई नागरिक को तमिलनाडु पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। अब ग्रेटर नोएडा में रहने वाले नाजीरियाई नागरिक ने आरोपी के परिवार से संपर्क किया है। आरोपी ने उन्हें झांसा दिया है कि इस मामले में और भी आरोपी गिरफ्तार किए जा सकते हैं और आरोपी की संपत्ति भी कुर्क की जा सकती है।
आरोपी के परिवार को आरोपी धमकी दी कि पुलिस अन्य सदस्य को भी इस केस में शामिल कर संपत्ति कुर्क करेगी। पुलिस की इस कार्रवाई से बचाने के नाम पर चार लाख रुपये की आरोपी ने मांग की है। यूपी पुलिस के एक्स हैंडल से इस मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद रबूपुरा पुलिस को जांच और साक्ष्य उपलब्ध कराने निर्देश दिया गया है। हालांकि शाम तक शिकायतकर्ता ने पुलिस से संपर्क नहीं किया है।
तलाकशुदा महिला से नाम बदलकर 11 लाख ठगे थे
दनकौर क्षेत्र स्थित सुपरटेक की अपकंट्री सोसाइटी में रहने वाले नाइजीरियाई नागरिक थैक गॉड चुकवेमेक को चैन्ने के क्राइम ब्रांच टीम ने गिरफ्तार किया था। आरोपी का वीजा भी दो अक्तूबर को एक्सपायर हो चुका था। आरोपियों ने वैवाहिक वेबसाइट पर आशीष चेन्नार नाम से प्रोफाइल बनाई थी और चैन्ने की युवती से शादी का झांसा देकर बात करने लगा था। आरोपी खुद को भारतीय बताता था और उसने खुद को बेल्जियम का अधिकारी बताकर युवती को जाल में फंसाया था।
थाने में अक्सर नजर आता था रंगदारी का आरोपी
रंगदारी मांगने का जिस नाइजीरियाई नागरिक पर आरोप लगा है। वह लंबे समय से ग्रेटर नोएडा में रहता है। आरोपी ने भारतीय युवती से विवाह किया है। आरोपी पूर्व में खुद के अफ्रीकी छात्र यूनियन का अध्यक्ष बताता था। पुलिस आरोपी से अफ्रीकी नागरिकों से जुड़े केस व विवाद के मामलों में मदद भी लेती थी। लेकिन बाद में आरोपी को पुलिस ने अवैध शराब के मामले में भी जेल भेजा था।