फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रदेश शासन ने बढ़ाया ‘माननीयों’ का मान

Thu, 13 Mar 2014 11:24 PM IST
कुलदीप सिंह राघव/अमर उजाला, गाजियाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
लंबे समय से चली आ रही ‘माननीयों’ की मांग पूरी हो गई है। एमएलए-एमपी के साथ ही अब एमएलसी को भी स्थानीय निकायों, समितियों व बोर्ड में स्थान दिया गया है।
विज्ञापन


इसके चलते स्थानीय विकास में इनका दखल बढ़ जाएगा। अभी तक इनको विकास बैठकों में आमंत्रित नहीं किया जाता था। समितियों की बैठक और निकायों की बोर्ड में बैठक में अब इनको विधिवत आमंत्रित किया जाएगा।

जिला स्तर की कमेटियों, स्थायी समितियों और नगर निकायों के बोर्ड में लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा एवं विधान परिषद सदस्य पदेन सदस्य के रूप में शामिल होते हैं, लेकिन इनमें से विधान परिषद के सदस्यों को बैठकों में आमंत्रित नहीं किया जाता है।
विज्ञापन


प्रदेश के एमएलसी काफी समय से समितियों और बोर्ड में शामिल करने की मांग भी रहे थे। अब ठीक उसी दिन शासन ने सभी एमएलसी को तोहफा दिया, जिस दिन आचार संहिता की घोषणा की गई।

नए आदेश के चलते अब विधान परिषद सदस्यों को भी सभी समितियों में स्थान दिया गया है। सांसद और विधानसभा सदस्यों की तरह विधान परिषदों के सदस्यों को भी अब बैठकों में आमंत्रित किया जाएगा।

इस संबंध में स्थानीय निकाय के निदेशक नरेंद्र कुमार सिंह ने सभी मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर जानकारी दे दी है।

तीन दिन के लिए संसद सत्र स्थगित तो हो सकेगी बोर्ड बैठक
अब संसद सत्र और विधान मंडल सत्र लगातार तीन दिन के लिए स्थगित होने की स्थिति में जिला समितियों की बैठकें और निगम कार्यकारिणी बैठकें की जा सकेंगे।

अब से पहले संसद सत्र और विधानमंडल सत्र की अवधि के दौरान जिला समितियों की बैठकें और नगर निकायों की बोर्ड बैठकें नहीं हुआ करती थीं क्यों कि स्थानीय सांसद और विधायक समितियों और बोर्ड में पदेन सदस्य हुआ करते थे।

29 जनवरी को हुई गाजियाबाद नगर निगम की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई थी। उसके बाद संसद सत्र और विधानसभा सत्र के कारण बोर्ड की बैठक टल गई थी।

अभी तक निगम की बोर्ड बैठक नहीं हो पाई है। अब स्थानीय निकाय के निदेशक ने पत्र जारी कर बताया कि अगर सत्र लगातार तीन दिन के लिए स्थगित होता है तो जिला समितियों की बैठकें और नगर निगम की बोर्ड बैठकें की जा सकती हैं।
विज्ञापन

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें