बाजार में साइकिल के साइज को इंच में बताकर बेचना भी विधिक माप विभाग ने गैरकानूनी माना है। विभाग ने अब ऐसी साइकिल कंपनियों पर शिकंजा कसना शुरू किया है, जोकि लंबे समय से साइकिल का साइज इंच में बताकर उसे बेचती आ रही हैं।
विधिक माप विभाग ने एक कंपनी आउटलेट पर कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये का नोटिस जारी किया है। कंपनी ने गलती स्वीकारते हुए जुर्माना जमा करा दिया है।
कंपनियां साइकिल के हर साइज को इंच में बताती हैं, जो गलत है। विधिक माप विभाग के वरिष्ठ निरीक्षक हरीश प्रजापति ने बताया कि देश की सभी साइकिल निर्माता कंपनियां सरकार द्वारा बनाए गए एक्ट का ही उल्लंघन करने लगी हैं।
विधिक माप अधिनियम में स्पष्ट है कि कंपनियां अपने उत्पाद का साइज सेंटीमीटर या मीटर में बताएंगी। क्योंकि यह दोनों स्टैंडर्ड मानक इकाई हैं।
इनका प्रयोग पूरे विश्व में होता है। कंपनियां साइकिल का साइज इंच में बताकर बेचती है। जबकि उन्हें विज्ञापन या उपभोक्ता को साइकिल का साइज सेंटीमीटर में बताना चाहिए।
इस मामले में विभाग ने विज्ञापन के आधार पर एक नामी कंपनी आउटलेट को नोटिस जारी करके 50 हजार रुपये जुर्माना वसूला है।