मौके पर क्राइम टीम, एफएसएल टीम और बम निरोधक दस्ता पहुंचा। धटनास्थल की घेराबंदी कर दी गई है। फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर है। विस्फोट के कारणों पर गौर किया जा रहा है। स्पेशल सेल के सूत्र के मुताबिक मौके पर स्पेशल सेल की टीम भी मौजूद है। आसपास कई सीसीटीवी के फुटेज को खंगालने में जुटी है। रोहिणी जिला के डीसीपी समेत अन्य अधिकारियों द्वारा ये शख्त निर्देश दिया गया है कि कोई भी सीसीटीवी का कोई भी क्लिप लीक नहीं होना चाहिए। वहीं, एफएसएल टीम ने घटनास्थल से नमूने एकत्र किए हैं।
धमाके की आवाज सुनकर इलाके के लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। एक स्थानीय निवासी ने कहा, "सुबह करीब 7.30 बजे थे जब हमने बहुत तेज आवाज सुनी। हमें लगा कि पास में एक एलपीजी सिलेंडर फट गया है। हमने तुरंत पुलिस और फायर ब्रिगेड को मामले की जानकारी दी। कई दुकानों के शीशे टूट गए।"
पास में रहने वाले राकेश गुप्ता ने बताया कि विस्फोट के तुरंत बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। गुप्ता ने कहा, "जो कुछ हुआ है उसे लेकर हम बहुत भ्रमित हैं। पुलिस टीमें जांच कर रही हैं।" विस्फोट स्थल के बहुत करीब धूप के चश्मे की दुकान चलाने वाले सुमित ने कहा, "मेरी खिड़की के शीशे टूट गए। मेरी दुकान के अंदर सब कुछ जमीन पर गिर गया। यह बहुत तेज विस्फोट था।"
'मैं छत पर था जब मैंने तेज धमाके की आवाज सुनी'
दिल्ली ब्लास्ट के चश्मदीद गौरव का कहना है, "मैं छत पर था जब मैंने तेज धमाके की आवाज सुनी। पूरा घर हिल गया। मैंने पहले कभी ऐसा धुआं नहीं देखा था। मुझे लगा कि यह गैस सिलेंडर ब्लास्ट हो सकता है।" उस क्षेत्र में भोजनालय हैं... सीआरपीएफ कमांडो सतर्क थे और वे पहले ही घटनास्थल पर पहुंच चुके थे...आसपास की इमारतों और कारों के शीशे टूट गए थे... सौभाग्य से, यह कार्य दिवस नहीं था और समय समाप्त हो गया था धमाका भी ऐसा था कि वहां कोई नहीं था।"
केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए की टीम शुरुआती तफ्तीश करने और सबूतों से जुड़े इनपुट इकठ्ठा करने मौके पर पहुंची है। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा इस मामले में तफ्तीश का जिम्मा कुछ दिनों के बाद जांच एजेंसी एनआईए को भी सौंपा जा सकता है। फिलहाल स्पेशल सेल और रोहिणी जिला पुलिस के द्वारा इस मामले की तफ्तीश की रिपोर्ट के बाद मंगलवार तक इस मामले में लिया जा सकता है।
तफ्तीश संबंधित आगे का फैसला आतंकी साजिश या कोई बड़े वारदात की संभावना के मद्देनजर ही लिया जा सकता है। एनआईए को केस ट्रांसफर किया जाएगा। किसी भी बड़े अपराधिक वारदात/आतंकी घटना या संदिग्ध बम विस्फोटक से संबंधित इनपुट्स की जानकारी मिलने के बाद शुरुआती तफ्तीश के लिए एनआईए को पहुंचना ये एक एसओपी यानी प्रोटोकॉल का हिस्सा होता है।
धमाके को लेकर आतिशी ने एक्स पर लिखा, 'रोहिणी स्थित एक स्कूल के बाहर ब्लास्ट की घटना दिल्ली की चरमराती सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रही है। दिल्ली में लॉ एंड ऑर्डर की जिम्मेदारी भाजपा की केंद्र सरकार के पास है, लेकिन भाजपा अपना ये काम छोड़कर सारा समय दिल्ली की चुनी हुई सरकार के कामों को रोकने में लगाती है। यही कारण है कि आज दिल्ली में 1990 के दशक के मुंबई अंडरवर्ल्ड के दौर जैसा हाल हो गया है।'
उन्होंने लिखा, 'शहर में सरेआम गोलियाँ चल रही है, गैंगस्टर वसूली कर रहे हैं और अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। भाजपा के पास ना काम करने की नीयत है ना क़ाबिलियत। अगर गलती से भी दिल्ली वालों ने इन्हें दिल्ली सरकार की ज़िम्मेदारी दे दी तो ये स्कूल, अस्पताल, बिजली, पानी का भी वही हाल कर देंगे जो आज दिल्ली की कानून व्यवस्था का है।'