बढ़ते प्रदूषण के बीच दिल्ली में बीते 13 दिनों में 2,762 जगहों पर धूल रोधी अभियान चलाया गया। इसमें प्रदूषण फैलाने वाली जगहों पर करीब 17.40 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ में 76 जगहों पर काम कर रहीं एजेंसियों को नोटिस भी दिया गया। अभियान में 13 संबंधित विभागों के अधिकारियों की 523 टीमें लगी हुई हैं। दिल्ली सरकार की सख्त हिदायत है कि निर्माण स्थलों पर धूल रोकने से जुड़े 14 नियमों को पूरी तरह लागू करना जरूरी है। ऐसा न करने वाली निर्माण एजेंसियों पर कार्रवाई होगी।
यमुना में उफन रहे झाग पर भाजपा ने चिंता जाहिर की
यमुना में उफन रहे झाग पर भाजपा ने चिंता जाहिर की है। कहा है कि कालिंदीकुंज में यमुना की बदहाली ने सरकार की पोल खोल दी है। दिल्ली सरकार पिछले एक महीने से लगातार प्रदूषण से बचाव का दावा कर रही है, लेकिन ये सभी फेल साबित हुए हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने शनिवार को कालिंदी कुंज पहुंचकर यमुना का जायजा लिया। यमुना में उफर रहे झाग पर हैरानी जताते हुए कहा कि दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय एक माह से वायु एवं जल प्रदूषण कम करने को लेकर प्रचार प्रसार कर रहे हैं पर गत 48 घंटे में बढ़े एक्यूआई व यमुना में उठे झाग पर चुप्पी साधे हुए हैं।
पानी के ऊपर तैरते झाग की सफेद चादर इस बात के गवाह है कि पिछले 10 सालों से लगातार दिल्ली में अरविंद केजरीवाल और अब आतिशी सरकार सिर्फ़ यमुना सफाई को लेकर दावे ही कर रही हैं। जमीनी हकीकत कुछ और ही है। केंद्र सरकार ने यमुना सफाई के लिए करोड़ों रुपये दिए, बावजूद यमुना साफ नहीं हुईं। यमुना किनारे खड़ा होना भी कई बीमारियों को बुलावा देता है डुबकी लगाना तो दूर की बात है। प्रदूषण सेस के नाम पर वसूल किए गए 1000 करोड़ रुपये भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। यमुना में 18 बड़े नाले और कुल 32 नाले गिरते हैं वहां पर एसटीपी प्लांट तक नहीं लगाया गया। इस मौके पर दिल्ली भाजपा प्रवक्ता व पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ. अनिल गुप्ता, पार्षद ब्राह्म सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रदूषण खत्म करने में दिल्ली सरकार विफल : कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि राजधानी दिल्ली विश्व में प्रदूषित शहरों की श्रेणी में हमेशा उच्च स्तर पर रहती है। आम आदमी पार्टी की वजह से पिछले 10 वर्षों से इस समस्या का सामना दिल्ली वालों को करना पड़ रहा है। दिल्ली सरकार काम करने की बजाय सिर्फ घोषणा, कमेटियों का गठन, विंटर एक्शन प्लान में संशोधन करने का असफल प्रयास करती है। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की इस कार्यशैली को ही वर्तमान मुख्यमंत्री आतिशी दोहरा रही हैं। प्रदूषण खत्म करने में दिल्ली सरकार विफल साबित हुई है।
देवेंद्र यादव ने यह भी कहा कि यह अत्यंत संवेदनशील है कि एनसीआर के अनुपात में दिल्ली का औसतन एक्यूआई 292 के खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जबकि अभी हवा में नमी नहीं आई है। बिना किसी प्रशासनिक पद पर होने के बावजूद केजरीवाल, मुख्यमंत्री आतिशी के साथ में बैठकर दिल्ली सरकार की योजनाओं की घोषणा कर रहे हैं, परंतु दिल्ली में वायु और जल प्रदूषण पर चुप्पी साधे हुए हैं। दूषित यमुना में जहरीला पानी दिल्ली के लिए अभिशाप बन रहा है, जिसके लिए सिर्फ केजरीवाल जिम्मेदार हैं, क्योंकि तीन वर्षों में 200 करोड़ रुपये यमुना की सफाई में बह गए। राजधानी में वायु प्रदूषण का मूल कारण वाहनों का धुआं, फैक्ट्रियों का धुआं, निर्माण कार्य के धूल कण और टूटी सड़कों की धूल कण है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री आतिशी हर दिन प्रदूषण की रोकथाम के लिए कमेटियों, टीम और योजनाओं की घोषणा कर रही हैं। कल 13 हॉटस्पॉट पर 13 कमेटियों का गठन किया गया जो इन हॉटस्पॉट पर निगरानी रखकर प्रदूषण कम करने के लिए काम करेंगी, बावजूद 13 हॉटस्पॉट नरेला में एक्यूआई 339, जहांगीरपुरी में 363, बवाना में 358, मुंडका में 378, रोहिणी में 364, अशोक विहार में 301, वजीरपुर में 388, विवेक विहार में 309, पंजाबी बाग में 296, आनंद विहार में 352, द्वारका में 344, आरकेपुरम में 280 ओर ओखला में 303 एक्यूआई रहा। आंकड़े आतिशी सरकार की विफलता को साफ उजागर कर रहे हैं।