लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी अब्दुल करीम टुंडा का अब नया ठिकाना गाजियाबाद की डासना जेल है। इससे पहले वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद था। दिल्ली की कोर्ट से बरी होने के बाद उसे हाल ही में डासना जेल में शिफ्ट किया गया।
जेल में टुंडा को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया है। पिलखुवा निवासी 74 साल के टुंडा पर 1996 से 1998 के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में बम धमाके का आरोप है।
कपड़ों पर रंगाई का काम करने वाले टुंडा की गिरफ्तारी पर भारत सरकार ने पांच लाख तक का इनाम भी घोषित किया था। यह चर्चा है कि टुंडा पाकिस्तान में बम बनाने की ट्रेनिंग लेकर आया था और भारत में वह लश्कर-ए-तैयबा के लिए काम करता था।