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एक पिता की जिद्द: बेटे को न्याय दिलाने के लिए सीसीटीवी खंगाल रहा है पूर्व सैनिक, आया नगर में सड़क दुर्घटना में हो गई थी मौत

Wed, 04 May 2022 02:28 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नायब सूबेदार बाल मुकुंद चौबे के बेटे की मार्च, 2022 में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। उन्हें उम्मीद है कि बेटे को टक्कर मारने वाले आरोपी जल्द ही पकड़े जाएंगे। 
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सीसीटीवी - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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सड़क हादसे में मारे गए बेटे को न्याय दिलाने के लिए एक पूर्व सैनिक बिहार से दिल्ली पहुंच गया है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहा है। नायब सूबेदार बाल मुकुंद चौबे (52) ने हर जगह की सीसीटीवी फुटेज खंगालने का फैसला किया है। उनके बेटे की मार्च, 2022 में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। उन्हें उम्मीद है कि बेटे को टक्कर मारने वाले आरोपी जल्द ही पकड़े जाएंगे। पीड़ित पिता के आग्रह पर मंगलवार को भी फतेहपुरबेरी थाना पुलिस ने कुछ वाहनों की जांच की। इस दौरान पीड़ित पिता पुलिस के साथ थे। 

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मूलरूप से बक्सर, बिहार निवासी बाल मुकुंद चौबे ने 28 वर्षों तक ड्यूटी की है। दिल्ली पुलिस सड़क दुर्घटना वाले वाहन व आरोपी को पकड़ने में नाकामयाब रही है। पूर्व सैनिक के बेटे आया नगर निवासी वशिष्ट मुनि चौबे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्था (एम्स) में सुरक्षा सुपरवाइजर थे। पीड़ित पूर्व सैनिक का कहना है कि वह अपने बेटे की बहू का कैसे सामना करेंगे, जो सिर्फ अभी 26 वर्ष की है। उसकी दो पोती हैं। वह क्या बोलेगा जब उसकी पोती अपने पिता के बारे में पूछेंगी। उसके बेटे को प्रति माह 50 हजार रुपये प्रति माह वेतन मिलता था। बेटे की मौत के बाद पूरे परिवार उसकी पेंशन पर आ गया है। उसने अपने बेटे का बक्सर में 31 मार्च को अंतिम संस्कार किया था। 

वह इस मामले में पुलिस के जवाब का इंतजार कर रहे थे। जब पुलिस का कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने दिल्ली आने का फैसला किया। वह फतेहपुरबेरी थाने में गए। थाने में केस के लिए एक सिपाही को नियुक्त किया गया था। सिपाही को इस मामले में कोई जानकारी नहीं थी। इसके बाद उन्होंने खुद जांच करना शुरू की। वह घटनास्थल पर खुद गए। वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
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ये था मामला
इस मामले में पुलिस का कहना था कि फतेहपुरीबेरी थाना पुलिस को सड़क दुर्घटना के संबंध में 30 मार्च को सुबह 1.21 बजे पीसीआर कॉल मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची। मौके पर पहुंचकर पता लगा कि दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस की ईआरवी  ने घायल को सफदरजंग अस्पताल भर्ती करा दिया था। पूछताछ के दौरान पता चला था कि एक राहगीर ने सड़क दुर्घटना के संबंध में फोन किया था और वह फिर मौके से चला गया था। कॉल करने वाले ने फोन पर बताया कि उसने सड़क दुर्घटना को देखा नहीं, बल्कि घायल को देखा था। इसके बाद कॉल कर पुलिस को सूचना दी थी। इस बाबत फतेहपुरबेरी थाना पुलिस ने रैश ड्राइविंग (279) और 304ए (लापरवाही से हुई मौत) का मामला दर्ज कर रखा है। 

सीसीटीवी कैमरों से अभी तक हाथ नहीं लगा है सुराग
पुलिस का कहना था कि घटनास्थल पर कोई सीसीटीवी फुटेज नहीं मिला था। इसी कैरिज्वे पर घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से कोई सुराग हाथ नहीं लगा था। पुलिस का कहना है कि यहां पर जितने भी कैमरे लगे हुए हैं उनकी पीड़ित पिता के सामने जांच की गई। हालांकि पुलिस मेट्रो पिलर नंबर 183 पर लगे ट्रैफिक के स्पीड कैमरे से गति सीमा का उल्लंघन करने वाले वाहनों का विवरण हासिल कर जांच करने में लगी हुई है। पुलिस का कहना है कि ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि आरोपी को जल्दी पकड़ा जा सके। पुलिस को मौके पर कोई चश्मदीद गवाह नहीं मिला है। मामले की जांच अब एसआई अरविंद को सौंपी गई है और आरोपी वाहन का पता किया जा रहा है। 

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