फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हर डेढ़ मिनट में मिलेगी मेट्रो, फेज-तीन में बढ़ेगी ट्रेन की फ्रीक्वेंसी

Wed, 18 May 2016 01:55 AM IST
बृजेश सिंह/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
मेट्रो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
मेट्रो ट्रेन के इंतजार का समय कम करने पर काम चल रहा है। फेज-तीन में मेट्रो की फ्रीक्वेंसी 90 सेकेंड तक लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। चालक रहित मेट्रो ट्रेन के बाद अब डीएमआरसी केबल सिग्नलिंग की बजाय कम्यूनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (सीबीटीसी) नए सिग्नलिंग सिस्टम का प्रयोग कर रही है।
विज्ञापन


चालक रहित मेट्रो ट्रेन के ट्रायल के दौरान अगले चरण में इसका ट्रायल शुरू कर दिया जाएगा।वर्तमान में मेट्रो की फ्रीक्वेंसी अलग-अलग लाइन पर औसतन 2 से लेकर 4 मिनट तक है। कई बार केबल सिग्नलिंग में खराबी होने के कारणऔर केबल कटने के कारण उसे मैनुअल मोड पर चलाना पड़ता है, जिसके कारण मेट्रो की फ्रीक्वेंसी का समय बढ़ जाता है, जिससे संचालनप्रभावित होता है।

तीसरे फेज में दिल्ली मेट्रो ने सीबीटीसी नई सिग्नलिंग व्यवस्था को अपनाया है। यह एक तरह से केबल रहित यानी रेडियो फ्रीक्वेंसी पर आधारिस सिंग्नलिंग व्यवस्था होगी। इससे मेट्रो में सिग्नलिंग की तकनीकी खामियां खत्म हो जाएंगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

केंद्रीय मंत्री ने दिया टू द प्वाइंट का सुझाव

मेट्रो
मेट्रो की फ्रीक्वेंसी को बढ़ाया जा सकेगा। इसके अलावा चालक रहित मेट्रो की स्पीड भी मौजूदा ट्रेन की तुलना में 10 फीसदी ज्यादा होगी। इससे भी मेट्रो की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जा सकेगी। मेट्रो के मुताबिक, फ्रीक्वेंसी बढ़ाने में इससे भी मदद मिलेगी, क्योंकि यह मेट्रो ट्रेन खुद अपनी स्पीड, ब्रेक, गति तेज करना और दरवाजों का परिचालन करेगी।

इसमें मैनुअली कुछ नहीं होगा। इस मेट्रो में सेंसर भी लगे हैं, अगर ट्रैक पर कोई ऐसी चीज पड़ी है जिससे यात्रा बाधित हो सकती है तो खुद दूर से उसे रीड करके ट्रेन रुक जाएगी।वेंकैया नायडू ने कहा कि मेट्रो की बेहतर फ्रीक्वेंसी की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यह 90 सेकेंड तक लाई जाए तो बेहतर होगा।

उन्होंने दिल्ली मेट्रो को सुझाव दिया है कि कुछ ऐसी ट्रेन भी चलाएं, जिसके प्वाइंट टू प्वाइंट स्टेशन पर रुकने की सुविधा हो।मसलन, पटेल चौक से चले तो फिर सीधे समयपुर बादली चले। यह ट्रेन एक फिक्स टाइम में चले, इससे वह लोग जो ज्यादा स्टेशन पर स्टॉपेज से नहीं आते हैं, उन्हें मेट्रो से सफर कराया जा सकता है। वेंकैया के इस सुझाव पर मेट्रो अधिकारियों ने कहा कि यह संभव नहीं है, क्योंकि मेट्रो लूप है। एक समय एक लाइन पर कई मेट्रो ट्रेन एक साथ चल रही होती हैं। हम उसे ओवरटेक नहीं कर सकते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें