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बिजली-पानी के लिए शहर में मचा हाहाकार, कटौती से हाल बेहाल

Wed, 18 May 2016 01:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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पानी की समस्या को लेकर प्रदर्शन करते बुजुर्ग - फोटो : अमर उजाला
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शहर में बिजली-पानी की समस्या लगातार गहरा रही है। पहले कर्मचारियों की हड़ताल ने परेशान किया अब बिजली कर्मियों का अभाव जनता के लिए परेशानी का सबब बन गया है। कंप्लेंट सेंटर पर शिकायत के घंटों बाद भी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है।
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शहर की जनता पानी के लिए भी तरस रही है। इस समस्या से परेशान लोग आए दिन सड़कों पर उतर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य में बिजली की कमी नहीं है, लेकिन बिजली तंत्र की रखवाली करने वाले कर्मचारियों का टोटा हो गया है।

बीते दिनों हड़ताल में शामिल प्रदेशभर के सात हजार से ज्यादा ठेका कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने के बाद समस्या गहरा गई है। फरीदाबाद के भी 555 कर्मचारियों को हटा दिया गया है। सोमवार शाम आई तेज आंधी के बाद शहर के बड़े हिस्से में फॉल्ट के चलते बिजली गुल हो गई।
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कर्मचारियों के अभाव में कई इलाकों में रातभर बिजली संकट बना रहा। भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती होने से लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। छह से दस घंटे तक बिजली गुल रहने से इनवर्टर ठप हो गए। कई इलाकों में बिजली न होने से पानी की आपूर्ति ठप रही।

बीते शुक्रवार को 23 सब डिवीजन निजी हाथों में देने के विरोध और दस सूत्रीय मांगों के समर्थन में प्रदेशभर के बिजली कर्मचारियों ने सामूहिक अवकाश किया था। इसके बाद सख्त एक्शन लेते हुए सात हजार से ज्यादा ठेका कर्मचारियों को निकाल दिया गया था।

बता दें कि फरीदाबाद सर्कल में 629 कर्मचारी नियमित हैं, जबकि 596 कर्मचारी अनुबंधित हैं। ऐसे में भीषण गर्मी के बीच जवाब दे रहे बिजली तंत्र की देखरेख करने वाले कर्मचारियों की भारी कमी हो गई है। सोमवार शाम एनआईटी, ओल्ड फरीदाबाद, ग्रेटर फरीदाबाद, बल्लभगढ़ डिवीजन के कई इलाकों में बिजली गुल हो गई।

पानी की समस्या को लेकर प्रदर्शन करते ग्रीन फील्ड कॉलोनीवासी - फोटो : अमर उजाला
तिगांव, सेक्टर-19, एनएच 3 में पोल टूटने से बिजली गुल हो गई। नीमका, खेड़ी कलां में लाइन पर पेड टूटकर गिर गए, यहां भी रातभर बिजली गुल रही। सीकरी, सेक्टर 20, 21, 7, चावला कालोनी में कंडक्टर टूटने से घंटों बिजली गुल रही। सेक्टर 31 में भी फॉल्ट के चलते रातभर बिजली संकट बना रहा। एनआईटी पांच में भी बिजली घंटों बिजली गुल रही। कर्मचारियों के अभाव में मरम्मत का काम प्रभावित रहा।

670 कर्मचारी बचे हैं सर्कल में
सर्कल में नियमित व अनुबंधित कर्मचारियों को मिलाकर 1225 लोगों का स्टाफ है। हड़ताल में शामिल होने के कारण सरकार ने 555 अनुबंधित कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया है। ऐसे में विभाग के पास पूरे सर्कल में 670 कर्मचारी बचते है। सर्कल में पांच लाख के करीब उपभोक्ता है।

जिनकी जिम्मेदारी बचे हुए 670 कर्मचारियों पर आ गई है। उपभोक्ताओं को परेशानी आने पर विभाग द्वारा कर्मचारी भेजकर उनकी समस्या का समाधान जल्दी करा दिया जाता था। लेकिन अब उपभोक्ताओं को अपनी समस्याओं का समधान कराने के लिए दिक्कतों का सामना करनापड़ सकता है। क्योकि 670 कर्मचारियों पर पांच लाख उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी है, ऐसे में उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। 

पानी के लिए नगर निगम मुख्यालय पर हंगामा
पेयजल समस्या को लेकर शहर के अलग-अलग हिस्सों में हाहाकार मचा हुआ है। शहरवासी पानी के लिए रोजाना नगर निगम पर प्रदर्शन कर रहे हैं। अधिकारियों को ज्ञापन दे रहे हैं लेकिन उन्हें पानी मिलने के बजाय सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा हैं।

ऐसे में जनता निगम अधिकारियों से पूछ रही है कि स्मार्ट सिटी में लोगों को क्या गंदा पानी पीने को मिलेगा। इसका जवाब निगम अफसरों के पास नहीं है। मंगलवार को निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन करने आए सैकड़ों लोगों ने निगम अधिकारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाया।
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पानी भरें या नौकरी करें

पानी की समस्या को लेकर निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन करती महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
उनका कहना था कि स्थानीय जेई और एसडीओ समस्याओं को सुनने के लिए तैयार ही नहीं हैं। मजबूरी में उन्हें निगम अधिकारियों के पास आना पड़ता है। न्यू जनता कॉलोनी से आए कुसुम शर्मा, मीनू, रानी, चंद्रप्रकाश, शैली बब्बर व रवि भगत आदि का कहना था कि उनके यहां पिछले दस दिनों से गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। एसडीओ आनंत स्वरूप से बात करने पर वह जेई से शिकायत करने और रोड जाम करने का सुझाव देता है। ऐसे में हम कहां जाएं।

पानी भरें या नौकरी करें
एनआईटी-3 जी ब्लाक के लोगों का कहना था कि वह रात-रातभर पानी के लिए जागते हैं फिर भी पानी नहीं मिलता। अब रात में पानी भरें या फिर सो कर अगले दिन नौकरी पर जाएं। हरिकृष्ण, कपिल जेटली, जीपी पंवार, धर्मपाल, बंशीलाल, भोलनाथ, ओपी गेरा, शशिकांत आदि ने बताया कि कॉलोनी में पिछले एक महीने से पानी की समस्या बनी हुई है। शिकायत के बाद भी टैंकर का पानी नहीं मिल पा रहा है। रातभर मोटर चलती है। बिजली का बिल बढ़ रहा है लेकिन पानी नहीं मिल रहा है। उक्त लोगों ने निगमायुक्त डॉ. आदित्य दहिया से मुलाकात की और समस्याएं बताई। उन्होंने मुख्य अभियंता से समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया।

 जेई के खिलाफ कारवाई की मांग
जवाहर कॉलोनी शांतिकुंज गली वार्ड नंबर-5 के लोगों ने पानी की समस्या का निदान न करने और लापरवाही बरतने वाले जेई अमित चौधरी के खिलाफ कार्रवाई करने की निगमायुक्त से मांग की है। कॉलोनी के लोगों का आरोप है कि पानी की समस्या को लेकर वह कई बार जेई अमित चौधरी से मिले लेकिन समस्या का समाधान आज तक नहीं किया। यही नहीं उनका यह भी आरोप है कि पर्वतीय कॉलोनी टैंक के पास एक नई कॉलोनी बनी है। जिसमें पानी का अवैध कनेक्शन जेई द्वारा किया गया है। इस अवैध कनेक्शन की शिकायत करने पर जेई ने कनेक्शन कटवाने का आश्वासन दिया था लेकिन आज तक नहीं काटा गया। कॉलोनीवासियों ने निगमायुक्त को ज्ञापन देकर जेई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। 

इनपुट:
शहर में कुल ट्यूबवेल की संख्या-18000
शहर में कुल बूस्टरों की संख्या-1000                                                                    
निगम सीमा में दर्ज प्रॉपर्टी करीब-2.25 लाख
वैध पानी कनेक्शन की संख्या-1.35 लाख
अवैध पानी कनेक्शन की संख्या- 90,000
केंद्रीय भूजल बोर्ड के अनुसार 200 फिट नीचे पहुंच गया है जलस्तर

शहर में पानी की मांग:
घरेलू                    280 एमएलडी
औद्योगिक                20 एमएलडी
वाणिज्यिक               10 एमएलडी
संस्थान                    35 एमएलडी
पार्क                       27 एमएलडी
अन्य                       30 एमएलडी
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