संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। महान चित्रकार राजा रवि वर्मा की कला और विरासत को याद करते हुए उनकी 120वीं पुण्यतिथि और चित्रांजलि के 10 वर्ष पूरे होने पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में राजा रवि वर्मा-चित्रांजलि ब्रिजिंग द डिवाइड शीर्षक से आयोजित इस कार्यक्रम में सूचना, प्रसारण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल मुरुगन शामिल हुए।
डॉ. मुरुगन ने कहा कि राजा रवि वर्मा को सच्ची श्रद्धांजलि उनकी कृतियों को याद करने के साथ नई पीढ़ी के कलाकारों को मंच देना है। देश रचनात्मकता के दौर से गुजर रहा है और 2030 तक इस क्षेत्र में करीब 30 लाख रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य है। युवाओं में प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए 15 हजार स्कूलों और 500 कॉलेजों में क्रिएटर लैब स्थापित करने की योजना है, जिसके लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
मेघ मंडल संस्थान की सचिव विमलेश बृजवाल ने कहा कि चित्रांजलि राजा रवि वर्मा की कला और भारतीय संस्कृति में योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है। कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपराज्यपाल जीसी मुर्मू, फिल्म समीक्षक कोमल नाहटा, कलाकार वृंदावन सोलंकी समेत कई कलाकार, कला प्रेमी और शोधकर्ता शामिल हुए। इस अवसर पर राजा रवि वर्मा की प्रसिद्ध कृति की प्रति का अनावरण भी किया गया।