दो परिपत्र वापस लेने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अंबेडकर विश्वविद्यालय में बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक फैसलों के विरोध में छात्रों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। एयूडी छात्र परिषद केपी के आह्वान पर कश्मीरी गेट परिसर में चलो केजी प्रदर्शन किया गया। इसमें स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी शोधार्थियों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने 31 जुलाई के दो परिपत्रों को वापस लेने की मांग की।
छात्रों ने विश्वविद्यालय के चारों परिसरों में पेयजल, कक्षाओं, शिक्षकों और वातानुकूलन जैसी सुविधाओं की कमी पर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि शोधार्थियों के लिए उचित फर्नीचर भी उपलब्ध नहीं है। 31 जुलाई को जारी पहले परिपत्र में पीएचडी शोधार्थियों के लिए अनिवार्य उपस्थिति का प्रावधान है। शोधार्थियों का कहना है कि वे पहले से ही प्रत्येक सेमेस्टर में प्रगति रिपोर्ट जमा करते हैं, इसलिए यह नियम अनावश्यक है।
दूसरा परिपत्र सार्वजनिक सभाओं और कार्यक्रमों से जुड़ा है, जिसके तहत आयोजन से चार दिन पहले अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है। छात्रों ने इसे वापस लेने की मांग की। एयूडी छात्र परिषद केपी के कोषाध्यक्ष विवेक ने प्रशासन पर छात्रों की समस्याओं के प्रति उदासीन रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
विवेक ने कहा कि इन मांगों को लेकर पहले भी कई प्रदर्शन और बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। छात्रों ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव से सार्वजनिक सुनवाई करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान हुई सुनवाई में छात्रों ने अपनी मांगें रखीं, लेकिन उनके अनुसार कुलसचिव की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं दिया गया। छात्रों ने चेतावनी दी कि जब तक बुनियादी सुविधाओं की समस्या हल नहीं होती और दोनों परिपत्र वापस नहीं लिए जाते, उनका आंदोलन जारी रहेगा।