भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के मुताबिक शनिवार को दिल्ली में मुख्य सतही हवा चार किमी प्रति घंटे की गति पूर्वोत्तर-पूर्व दिशाओं से चली। सुबह के समय आंशिक रूप से बादल छाए रहे व धुएं के कारण प्रदूषण स्तर को बढ़ने का मौका मिला। वहीं दिन में चली सर्द हवा के कारण प्रदूषण कण फैल नहीं पाए। हालांकि दिन में खिली हल्की धूप व हवा के रुख में आए बदलाव के कारण प्रदूषक तत्वों से थोड़ी राहत मिली जिस कारण शुक्रवार के मुकाबले प्रदूषण स्तर में मामूली सुधार हुआ।
शनिवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में रही। रविवार से वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है। हालांकि 28 नवंबर तक प्रदूषण का स्तर बेहद खराब श्रेणी में ही रह सकता है। अगले छह दिनों की बात करें तो सुधार की कोई खास उम्मीद नहीं है और वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में रहने की आशंका है।
संस्थान के मुताबिक रविवार को हवा की दिशाओं में बदलाव होगा। सुबह के समय आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है और हल्के कोहरे के साथ मुख्य सतही हवा दक्षिण पूर्व दिशाओं से चार से आठ किमी प्रति घंटे के गति से चल सकती है। जबकि सोमवार को प्रमुख सतही हवा पूर्वोत्तर दिशाओं से चार से आठ किमी प्रति घंटे की गति से चल सकती है। सुबह के समय आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। वहीं कुछ स्थानों पर बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। बारिश के बाद प्रदूषण स्तर में सुधार की उम्मीद बन रही है। शनिवार को अनुमानित अधिकतम मिक्सिंग हाइट 1150 मीटर रही।
एनसीआर में फरीदाबाद सबसे ज्यादा प्रदूषित
शनिवार को दिल्ली-एनसीआर में फरीदाबाद सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा। यहां प्रदूषण सूचकांक 416 दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी है। वहीं गाजियाबाद का एक्यूआई 389, ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 368, गुरुग्राम में 336 और नोएडा में एक्यूआई 366 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक शनिवार को हवाओं में सुधार के कारण दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के स्तर में गिरावट दर्ज हुई है।
दिल्ली के सात केंद्रों में हालत गंभीर
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक दिल्ली के 19 केंद्रों के उपलब्ध आंकड़ों में सात केंद्रों में प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में रहा। इसमें द्वारका का एक्यूआई 416, आरके पुरम का 418, पटपड़गंज 427, अशोक विहार में 424, सोनिया विहार में 430, पूसा में 405 और बुराड़ी में 413 एक्यूआई दर्ज किया गया।